
Ministry of Power
नई दिल्ली। भारत सरकार के अहम मंत्रालयों में से एक है ऊर्जा (विद्युत) मंत्रालय, जिसकी स्थापना पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में 2 जुलाई 1992 में हुई थी। उर्जा मंत्रालय को इससे पहले ऊर्जा स्रोत मंत्रालय के नाम से जाना जाता था। वर्तमान की मोदी सरकार में इस मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार श्री आर. के. सिंह के पास है। ऊर्जा मंत्रालय भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची-III में प्रविष्टि 38 पर दिया गया समवर्ती सूची का विषय है।
ऊर्जा मंत्रालय के बारे में अहम जानकारियां:
क्या काम है ऊर्जा मंत्रालय का?
इस मंत्रालय का व्यापक उद्देश्य भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा का विकास तथा उसकी स्थापना करना है। ऊर्जा मंत्रालय प्रमुख रूप से देश में ऊर्जा के विकास के लिए उत्तरदायी है। ये मंत्रालय परिदृश्य आयोजना, नीति बनाने, निवेश निर्णय हेतु परियोजनाओं की कार्रवाई, विद्युत परियोजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी, प्रशिक्षण एवं जनशक्ति विकास और थर्मल, जल विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण के संबंध में प्रशासन एवं कानून बनाने से संबंधित कार्य करता है।
| क्रमांक | साल | मंत्री | पार्टी |
| 1. | 2014 | राजकुमार सिंह और पीयूष गोयल | बीजेपी |
| 2. | 2009 | ज्योतिरादित्य सिंधिया | कांग्रेस |
| 3. | 2005 | सुशील कुमार शिंदे | कांग्रेस |
| 4. | 1999 | पीआर. कुमार मंगलम, सुरेश प्रभु और अनंत गीते | बीजेपी, शिवसेना |
Published on:
24 May 2019 08:19 pm
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