
नई दिल्ली: कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। नाबालिग रेप के दोषियों को अब फांसी की सजा दी जाएगी। आपको बता दें कि पीएम मोदी का स्वदेश आने के तत्काल बाद कैबिनेट की बैठक हुई और यह फैसला लिया गया की देषियों की मौत की सजा दी जाएगी। बैठक में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' (पॉक्सो) एक्ट में बदलाव कर 12 साल से कम उम्र की लड़कियों के बलात्कार के दोषी को मौत की सजा पर कैबिनेट अपनी मुहर लगाने का प्रस्ताव रखा गया था जिस पर कैबिनेट ने मुहर लगाई दी है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेगा
सरकार संसद में इसके लिए अध्यादेश लाएगी। अध्यादेश में ऐसे मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की व्यवस्था की जाएगी। इस पर दो महीने में ट्रायल पूरा करना होगा। अगर केस में याचिका दायर होती है तो 6 महीने में निपटारा करना होगा। इस नए कानून के तहत 10 महीनों के भीतर केस को खत्म करना होगा।
अभी तक मौत की सजा का प्रावधान नहीं
शनिवार को पीएम आवास पर हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने हाल में कठुआ और उन्नाव सहित अन्य घटनाओं को लेकर चिंता जाहिर की थी। इस तरह की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए मंत्रालय कैबिनेट के समक्ष पॉक्सो एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया। फिलहाल इस कानून में दोषियों के लिए मौत की सजा का प्रावधान नहीं था। भारत में मौत की सजा का प्रावधान केवल रेयरेस्ट ऑफ द रेयरे केस में ही संभव है।
स्पेशल सेल बनाने के निर्देश
महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने दो दिन पहले सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए स्पेशल सेल बनाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल को लिखे गए पत्र में मेनका गांधी ने कहा था कि ऐसे मामलों की जांच और सबूत इकट्ठा करने के लिए पुलिस के लोगों की विशेष ट्रेनिंग होनी चाहिए और राज्यों में फॉरेंसिक लैब की स्थापना होनी चाहिए, जिससे दोषी बच न सके और उन्हें तेजी से सजा दिलाई जा सके।
एससी में 27 को होगी सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 27 अप्रैल को होगी। आपको बता दें कि कठुआ में आठ साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार और उसके बाद हत्या की घटना के बाद से ऐसे अपराध के लिए फांसी की सजा की मांग उठ रही है। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के प्रस्ताव को हर तरफ से समर्थन मिला है। नाबालिगों से बलात्कार की बढ़ती घटनाओं को लेकर राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर पीएम मोदी का ध्यान इस ओर खींचा था। राहुल ने अपने ट्वीट में कहा था कि सिर्फ 2016 में ही नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार के 19,675 मामले सामने आए। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को इन मामलों में तेजी से सुनवाई करके पीड़ितों को न्याय दिलाने का उपाय करना चाहिए।
Published on:
21 Apr 2018 03:20 pm
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