मौसम विज्ञान विभाग ( IMD ) ने जानकारी देते हुए बताया कि केरल में मानसून अपने सामान्य समय एक जून के आसपास पहुंचेेगा।
नई दिल्ली। मौसम विज्ञान विभाग ( IMD ) ने जानकारी देते हुए बताया कि केरल में मानसून अपने सामान्य समय एक जून के आसपास पहुंचेेगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ( Ministry of Earth Sciences ) के सचिव एम राजीवन ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग 15 मई को अधिकारिक मानसून पूर्वानुमान जारी करेगा। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के इस साल सामान्य रहने की संभावना है। जून से सितंबर तक सामान्य बारिश होगी। वहीं, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने कहा कि मानसून की लंबी अवधि का औसत ( LPA ) 98 प्रतिशत होगा, जो सामान्य श्रेणी में आता है। राजीव ने कहा कि यह सभी के लिए अच्छी खबर है क्योंकि इस साल मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है।" एलपीए के 96-104 प्रतिशत के बीच वर्षा को सामान्य माना जाता है। उन्होंने कहा कि आईएमडी ने आज 2021 दक्षिण पश्चिम मानसून वर्षा के लिए फर्स्ट स्टेज लॉन्ग रेंज पूर्वानुमान जारी किया है। पूरे देश में मौसमी वर्षा (जून से सितंबर) लंबी अवधि के औसत से 96 से 104 प्रतिशत के साथ सामान्य रहने की संभावना है।
अपडेटिड मानसून की भविष्यवाणी
राजीवन ने यह भी कहा कि इस वर्ष कप्लड वैश्विक जलवायु मॉडल पर आधारित एक नया 'मल्टी-मॉडल एनसेम्बल' पूवार्नुमान प्रणाली का उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्रीय गतिविधियों की बेहतर योजना के लिए विस्तृत पूवार्नुमान जैसे वर्षा के स्थानिक वितरण के लिए विभिन्न हितधारकों की मांगों को पूरा करेगा। राजीवन के अनुसार, सीजन के लिए अपडेटिड मानसून की भविष्यवाणी प्रदान करने वाले पूवार्नुमान का दूसरा चरण मई में जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मई, जून, जुलाई और अगस्त के अंत में मासिक पूवार्नुमान प्रदान किया जाएगा।
वर्षा-आधारित क्षेत्रों के लिए अलग-अलग पूवार्नुमान
राजीवन ने गतिशील मॉडलिंग ढांचे के साथ नई रणनीति पर प्रकाश डाला और मानसून के पूवार्नुमान में सुधार के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता के तहत वर्षा-आधारित क्षेत्रों के लिए अलग-अलग पूवार्नुमान किया। मॉनसून सीजन तब शुरू होता है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून पहली बार केरल के दक्षिणी सिरे से टकराता है, आमतौर पर जून के पहले हफ्ते में और राजस्थान से सितंबर तक पीछे हट जाता है। मंत्रालय ने कहा कि इस साल के मानसून के सामान्य रहने की संभावना 40 फीसदी है जबकि मानसून की 21 फीसदी संभावना सामान्य से ऊपर है। यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब आईएमडी ने अच्छी बारिश की भविष्यवाणी की है।