
बारिश की चेतावनीः अगले तीन दिन देश के कई राज्यों में जमकर बरसेंगे बदरा, शनिवार बाद कमजोर होगा मानसून
नई दिल्ली। ओडिशा में आए तूफान का असर आधे हिंदुस्तान पर देखने को मिला है। देश के कई राज्यों में मौसम ने जोरदार करवट बदली। खास तौर पर हिमाचल प्रदेश और केरल में एक बार फिर बारिश ने तांडव दिखाया। बारिश का सबसे ज्यादा असर उत्तर भारत में देखने को मिला। इससे कई राज्यों को भारी बारिश का सामना करना पड़ा। वहीं 40 लोगों की मौत की खबर भी सामने आई। बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में 1600 लोग भी फंस गए। मौसम विभाग के मुताबिक इन दो दिनों में जुलाई 2015 के बाद से सबसे ज्यादा बारिश हुई है। वहीं हिमाचल प्रदेश में इस बार सितंबर में बीते 14 सालों में सबसे अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग की माने तो 29 सितंबर तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक उत्तर भारत में बारिश जमकर कहर बरपाया। फिलहाल इससे निजात मिलने की उम्मीद अगले तीन दिन नहीं है। शनिवार तक उत्तर भारत में मौसम इसी तरह बना रहेगा। कुछ इलाकों हल्की तो कुछ में भारी बारिश की संभावना है।
इसलिए अब तक हो रही बारिश
गुजरात में चल रही तेज पश्चिमी हवाएं, ओडिशा में आया चक्रवात, हरियाणा के ऊपर हवा का लो प्रेशर बनना, अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बढ़ना और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का सक्रिय होना ही इस बार देर तक भारी बारिश होने का कारण है। हालांकि बारिश की रफ्तार में गुरुवार से थोड़ी कमी जरूर आएगी लेकिन शनिवार के बाद बारिश का दौर काफी कम हो जाएगा।
हिमाचल में सबसे बुरा हाल
हिमाचल प्रदेश का हाल इस वक्त सबसे बुरा है। यहां पूरे सितंबर माह में औसतन 125 मिमी बारिश होती है लेकिन बीते चार दिनों में यानि 21-25 सितंबर को 166.7 मिमी बारिश हुई है। अकेले 23 सितंबर को ही 67.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जो कि सामान्य से 15 गुना ज्यादा है।
पीएम ने दिया मदद का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित पंजाब और हिमाचल प्रदेश को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। लगातार बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन से उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य प्रभावित हुए जिससे सोमवार को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई।
इन इलाकों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग की ओर से शनिवार तक देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाके, पंजाब, हरियाणा, दक्षिण राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और उत्तप्रदेश के कुछ इलाके शामिल हैं।
Updated on:
27 Sep 2018, 7:51 AM IST
Published on:
27 Sep 2018, 7:51 AM IST
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