सरकार के आगे रोजगार के मौके पैदा करने की चुनौती सबसे ज्यादा रही है। मई में हुए लोकल सर्कल्स के सर्वे के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस साल बेरोजगारी को लेकर असंतोष बढ़ा है। पिछले साल 43 फीसदी लोगों ने माना था कि बेरोजगारी दर नहीं घटी है, जबकि इस साल 63 फीसदी ने इस बात को स्वीकार किया है।