
Tribal Student Detained
मुंबई। महाराष्ट्र के अहमदनगर में पुलिस ने मंगलवार को करीब 400 से ज्यादा आदिवासी छात्रों को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि इन छात्रों को नासिक पहुंचने से पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस का मकसद इन छत्रों को नासिक पहुंचने से रोकना था। आपको बता दें कि पिछले हफ्ते इन आदिवासी छात्रों ने अपना मार्च शुरू किया था, जो कि नासिक पहुंचकर खत्म होना था, लेकिन पुलिस ने छात्रों को नासिक पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया।
कैंटीन सर्विस बंद होने के बाद शुरू हुआ था विरोध प्रदर्शन
आपको बता दें कि इन आदिवासी छात्रों ने पुणे में पिछले हफ्ते अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। इनका ये प्रदर्शन आदिवासी हॉस्टलों में कैंटीन सर्विस के बंद किए जाने के खिलाफ था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रों का प्रदर्शन बहुत ही शांतिपूर्वक हो रह था, लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
नासिक पहुंचने से पहले हिरासत में लिए गए छात्र
वहीं पुलिस ने पुलिस की तरफ से कहा गया है कि इन छात्रों के मार्च को नासिक में इसलिए जाने नहीं दिया गया, क्योंकि पूरे महाराष्ट्र में इस समय दूध की कीमतों के संबंध में किसानों का आंदोलन चल रहा है छात्रों को हिरासत मं लेकर पुलिस ने उन्हें पुणे ट्रांसफर करा दिया है, जहां उन्हें शिवाजीनगर स्थित पुलिस मुख्यालय में रखा गया है। हालांकि माना ये जा रहा है कि जल्द ही छात्रों को किसी और स्थान पर भेजा जा सकता है। छात्रों का ये मार्च 18 जुलाई तक नासिक पहुंचना था।
इन मांगों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं दूध उत्पादक
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में रविवार से दूध उत्पादकों का भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है, जिस वजह से राज्य के कई शहरों में दूध की सप्लाई ठप हो गई है। दूध उत्पादकों के विरोध प्रदर्शन की वजह से मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक और अन्य प्रमुख शहरों के लिए दूध की समस्या खड़ी हो गई है। इन शहरों में जा रहे दूध के टैंकरों को प्रदर्शनकारी रोक रहे हैं। आपको बता दें कि स्वाभिमानी शेतकारी संघटन (एसएसएस) और महाराष्ट्र किसान सभा (एमकेएस) की अगुवाई में किसानों के समूहों ने दूध पर 5 रुपए प्रति लीटर सब्सिडी, मक्खन और दूध पाउडर पर जीएसटी में छूट की मांग की है।
Published on:
17 Jul 2018 04:10 pm
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