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हैदराबाद. मुंबई के मुख्य काजी फरीद अहमद खान को सोमवार शाम को पुलिस हिरासत में लिया गया है। मुख्य काजी पांच महीने पहले ओमान के अल-रहबी अहमद अब्दुल्ला की पुराने हैदराबाद की एक नाबालिग लडक़ी से शादी कराने के मामले में मदद के आरोपी हैं। पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने कथित तौर पर मुख्य काजी के कार्यालय पर छापा मारा, जहां उसे हिरासत में ले लिया और रिकॉर्डों को जब्त कर लिया। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने पता चला कि काजी फरीद अहमद ने शादी उन दोनों विवाह प्रमाण पत्र जारी किए थे, जिनकी मदद से ओमान निवासी ने लडक़ी के लिए वीजा लिया और बाद में उसे खाड़ी देश ओमान की राजधानी मस्कट ले गया। ओमानी नागरिक अब्दुल्ला ने आउटर सिटी एरिया इलाके में 16 वर्षीय लडक़ी से शादी की थी। क्योंकि किसी विदेशी नागरिक को स्थानीय स्तर पर शादी प्रमाण पत्र जारी करना मुश्किल है, इसलिए मुंबई से प्रमाण पत्र की व्यवस्था की गई थी।
जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंबई के मुख्य काजी फरीद ने दोनों के निकाह का प्रमाण पत्र जारी किया था और उसने इस अपराध को स्वीकार भी कर लिया है। वहीं जब्त किए दस्तावेजों की जांच करने पर हमने पाया कि काजी ने कई विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से खाड़ी देशों के लोगों को ऐसे ही निकाह प्रमाण पत्र जारी किया थे। उन्होंने उड़ीसा, कर्नाटक और अन्य राज्यों में किए गए विवाह के लिए भी अनाधिकृत रूप से प्रमाणपत्र जारी किए। सूत्रों के अनुसार ने निकाह प्रमाण पत्रों की सुविधा के लिए दलालों के साथ मिलीभगत से काम करके लाखों रुपए एकत्र किए हैं। पुलिस ने कहा, लोग दलालों के माध्यम से काजी को शादी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए लाखों रुपए का भुगतान किया करते थे। अब पुलिस निकाह रैकेट में शामिल होने के अन्य लोगों और दलालों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। साथ ही ऐसे निकाह करने आने वाले विदेशी नागरिकों को पकडऩे के लिए भी शहर में लॉज और होटल में छापेमारी की जा रही हैं।
Published on:
19 Sep 2017, 1:12 PM IST
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