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दिल्‍ली में जानलेवा प्रदूषण के लिए नासा ने पराली को बताया जिम्‍मेदार, पराली जलाने के दिए 29 सौ सबूत

पंजाब में पराली जलाने की घटना में हुई बढ़ोतरी हरियाणा में सरकारी सक्रियता से स्थिति में सुधार केंद्र की रिपोर्ट में पराली की घटनाओं में आई 41 फीसदी की कमी

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नई दिल्‍ली। दिल्ली-एनसीआर ( Delhi Ncr ) में बढ़ते प्रदूषण के कारण हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति बनी हुई है। खतरनाक प्रदूषण के मद्देनजर आज से ऑड-ईवन योजना को लागू कर दिया गया है। साफ हवा में सांस लेने के लिए लोग तरस गए हैं। इस बात को ध्‍यान में रखते हुए नासा ने 29 सौ तस्‍वीरे पराली जलाने के जारी की है। इस तस्‍वीरों के जरिए नासा ने बातया है कि आखिर दिल्‍ली बेदम क्‍यों है और देश की राजधानी वालों को हाल बेदम क्‍यो हैं।

NASA ने जारी की चौंकाने वाली तस्‍वीर
नासा ने पराली जलाए जाने के 29 सौ सबूत जारी कर वर्तमान प्रदूषण के लिए बड़ी वजह पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली को जिम्‍मेदरार बताया है। नासा ने पराली जलाने की तस्‍वीर सैटेलाइट की जरिए हासिल की है। नासा की ये तस्‍वीर काफी चौंकाने वाली है।

अमरीकी सैटेलाइट से ली गई तस्वीर में दिल्ली की दुर्दशा का सच सामने आया है। तस्वीर में देखा जा सकता है कि पंजाब के अधिकतर इलाकों में पराली जल रही है। हरियाणा के भी कुछ हिस्सों में पराली जलाई जा रही है। कुल 29 सौ जगहों पर पराली जलाए जाने की ये तस्वीर बता रही कि क्यों दिल्ली और उसके आसपास की हवा इतनी जहरीली हो गई है।

पराली की घटनाओं में 25 फीसद की वृद्धि
एक रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में पराली को लेकर काफी काम किया गया है, लेकिन पंजाब इस मामले में बहुत पीछे है। पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जबकि इसके पड़ोसी राज्य हरियाणा में गिरावट देखी गई है। हरियाणा में किसानों द्वारा पराली जलाना जारी है, जबकि इस पर रोक लगी हुई है। पराली जलाने वाले ऐसे लोगों में से कई पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि अन्य पर मामले दर्ज किए गए हैं।

केंद्र की रिपोर्ट में 41 फीसदी की गिरावट
इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामें में कहा गया है कि 2016 से 2018 के बीच दिल्ली के आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं में 41 फीसदी की गिरावट आई है। सुप्रीम कोर्ट में पर्यावरण और वन मंत्रालय की ओर से हलफनामा दायर किया गया है।