21 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

निपाह वायरस से केरल में 10 की मौत,जानिए…रहस्यमय वायरस के बारे में सबकुछ

देश में निपाह वायरल जैसे जानलेवा वायरस का हमला हुआ है। इस लाइलाज बीमारी से केरल में अबतक 10 लोगों की मौत हो चुकी है।

2 min read
Google source verification

image

Chandra Prakash Chourasia

May 21, 2018

Nipah virus

निपाह वायरस से केरल में 10 की मौत,जानिए...रहस्यमय वायरस के बारे में सबकुछ

नई दिल्ली। केरल में निपाह वायरस की दस्त ने पूरे देश में खलबली मचा दी है। चमगादड़ से फैलने वाले इस वायरस की चपेट में इंसान भी हैं। अबतक इस वायरस से (एनआईवी)से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि सरकार का कहना है कि अबतक सिर्फ तीन लोग मरे हैं जबकि अभी आठ अन्य मरीजों की रिपोर्ट आनी बाकी है। सबसे परेशान करने वाली बात ये है कि अबतक इसके लिए कोई वैक्सीन तैयार नहीं है।

मरीजों से सीधे संपर्क में आने से बचे
केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने सोमवार को कहा कि हालात काबू में हैं और डरने की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि कोझिकोड चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के सभी उपनगरीय अस्पताल इस बुखार से सामना करने के लिए पूरी तरह उपकरणों से लैस हैं। जिन लोगों को बुखार है, उन्हें चिकित्सा महाविद्यालय में भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है। शैलजा ने कहा कि इस वक्त आठ मरीजों का इलाज चल रहा है। उनके नमूने पुणे भेज दिए गए हैं और नतीजे आने बाकी हैं।

यह भी पढ़ें: भक्त ने कम चढ़ावा दिया तो भड़के पुजारी,मारपीट कर लूट ली सोने की चेन

कैसे फैलता है जानलेवा निपाह वायरस
निपाह वायरस चमकादड़ों से फैलता है। संक्रमित चमकादड़ों,सुअरों और एनआईवी से ग्रस्त लोगों के साथ सीधे तौर पर संपर्क में आने से एनआईवी फैल रहा है। इससे जानवर और इंसान दोनों प्रभावित होते हैं।

पहले केस में क्या हुआ
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि निपाह वायरस के कारण कुछ ही सप्ताह के भीतर पीरमबाड़ा में दो भाइयों और उनकी एक रिश्तेदार की मौत हुई है,जबकि आठ अन्य लोग चिकित्सा निगरानी में हैं। मृत हुए साबिथ और उसके भाई के घर पर स्वास्थ्य अधिकारी गए और उन्होंने पाया कि उनके घर में एक कुंआ था। जिसका उपयोग नहीं किया जाता था लेकिन उसमें बहुत से चमगादड़ भरे पड़े थे। स्वास्थय विभाग के अधिकारियों ने कुएं के ऊपरी हिस्से को बंद कर दिया, ताकि बचे हुए चमगादड़ बाहर न आएं।

अबतक नहीं बना कोई वैक्सीन
सबसे परेशान करने वाली बात ये है कि अबतक इस वायरस का कोई इलाज नहीं मिल पाया है। जानवरों और इंसानों के लिए किसी तरह की वैक्सीन बनाने में अबतक डॉक्टरों को सफलता नहीं मिल पाई है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज की देखभाल डॉक्टर आईसीयू में रखकर करते हैं।

कैसे करें खुद का बचाव
इस जानलेवा बीमारी से बचने के लिए खजूर और उसके पेड़ से निकलने वाले फल और रस का उपयोग न करें। गिरे हुए फल नहीं खाने चाहिए। बीमार सुअर, घोड़े और दूसरे जानवरों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। जानवरों के संपर्क में आने से पहले खुद को सुरक्षित कर लें।


सरकार ने शुरू किया जागरूकता कार्यक्रम
केरल सरकार ने निपाह वायरस से निपटने और जागरूकता कार्यक्रम शुरू कर दिए गए हैं और भारतीय चिकित्सा संघ व निजी अस्पतालों के चिकित्सा दल तैयार किए जा रहे हैं। सरकार ने कोझिकोड चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 20 लाख रुपये का आपात कोष जारी किया है, ताकि वर्तमान बुखार से निपटा किया जा सके।

20 साल पहले हुआ था पहला हमला
दुनिया में पहली बार निपाह वायरस का हमला 1998 में हुआ था। 20 साल पहले मेलिशाय के कांपुंगा सुंगई निपाह में ये मामला सामने आया था।

ये भी पढ़ें

image

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग