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निर्भया केस: फांसी से बचने के लिए हाईकोर्ट पहुंचा मुकेश, कहा- गैंगरेप के दिन दिल्ली में नहीं था

Nirbhaya Case: हाईकोर्ट ( High Court ) पहुंचा दोषी मुकेश सिंह ( Mukesh Singh ) ट्रायल कोर्ट के फैसले को दी चुनौती हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

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mukesh singh

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप केस ( Nirbhaya gang rape case ) के दोषियों को अगामी 20 मार्च को फांसी दी जाएगी। लेकिन, फांसी से बचने के लिए दोषी और उनके परिजन हर पल नई चाल चल रहे हैं। इसी कड़ी में दोषी मुकेश सिंह ( Mukesh Singh ) ने फांसी से बचने के लिए एक और बड़ी चाल चली है। ट्रायल कोर्ट के आदेश को मुकेश के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट ( High Court ) में चुनौती है।

जानकारी के मुताबिक, मुकेश सिंह ने अपने वकील के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि गैंगरेप के दिन दिल्ली में वह मौजूद नहीं था। इससे पहले मंगलवार को मुकेश के वकील एमएल शर्मा ने ट्रायल कोर्ट में अपील दायर की। उन्होंने कहा कि मेरे मुवक्किल को 17 दिसंबर को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। गैंगरेप के वक्त वो घटनास्थल पर ही नहीं था। जेल में उसे टॉर्चर भी किया गया। हालांकि, निचली अदालत ने अपील खारिज कर दी थी। अब यही अपील नए सिरे से दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को दायर की गई। इसमें ट्रायल कोर्ट के अर्जी खारिज करने के फैसले को चुनौती दी गई। ये भी कहा गया कि सजा-ए-मौत को बदला जाए।

इधर, फांसी को लेकर तिहाड़ जेल में पूरी तैयारी कर ली गई है। पवन जल्लाद ने बुधवार सुबह डमी फांसी भी दी। वहीं, मुकेश की मां ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में एक अर्जी दायर कर फांसी पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे खारिज कर दिया गया है। इतन ही नहीं अक्षय ठाकुर की पत्नी ने तलाक की अर्जी भी डाली है। इसके अलावा सभी दोषियों के परिजनों ने इच्छा मृत्यु की भी मांग की है।