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निर्भया केस: दोषियों के माता-पिता समेत 13 लोगों ने मांगी इच्छा मृत्यु, दिया ये आधार

Nirbhaya Gang Rape Case: 20 मार्च को निर्भया ( Nirbhaya ) के दोषियों की दी जाएगी फांसी दोषियों के माता-पिता समेत 13 लोगों ने राष्ट्रपति ( President ) से मांगी इच्छा मृत्यु

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Nirbhaya Gang Rape Case

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप केस ( Nirbhaya Gang Rape Case ) के सभी दोषियों को अगामी 20 मार्च को फांस दी जाएगी। इस फांसी से बचने के लिए दोषी, उनके वकील और परिजन तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इसी कड़ी में दोषियों के परिजनों ने अब नया पैंतरा आजमाया है। दोषियों के माता-पिता समेत 13 लोगों ने राष्ट्रपति ( President ) से इच्छा मृत्यु ( Euthanasia ) की मांग की है।

जानकारी के मुताबिक, निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ( AP Singh ) ने परिजनों की ओर से राष्ट्रपति सचिवालय में इच्छा मृत्यु का प्रार्थना पत्र जमा करा दिया है। दोषियों के परिजनों ने इच्छा मृत्यु के कई आधार भी दिए हैं। दोषी मुकेश की 70 साल की मां राम बाई ने कहा कि उसके एक बेटे राम सिंह की पहले ही जेल में मौत हो चुकी है। हालांकि, उनका कहना है कि राम सिंह की हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि राम सिंह का बेटा अब उनके पास ही रहता है। वहीं, दोषी पवन के पिता, मां और बहन ने भी इच्छा मृत्यु की मांग की है। पवन के पिता ने कहा कि वह रेहड़ी लगाकर किसी तरह अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं। उनकी ऐसी हालत है कि उनकी बेटी की भी शादी नहीं हो पाएगी। लिहाजा, उन्हें इच्छा मृत्यु दी जाए।

वहीं, दोषी विनय के परिजनों का कहना है कि वे लोग झुग्गी में रहते हैं और बीमार हैं। विनय जेल में रहकर पेंटिंग बनाकर बेचता है तो कुछ पैसे मिल जाते हैं। लेकिन, विनय को फांसी होने के बाद उन्हें वह भी नहीं मिलेगा और उनका जीना मुश्किल हो जाएगा। लिहाजा, उन्हें इच्छा मृत्यु दी जाए। इनके अलावा दोषी अक्षय के पिता सरयू सिंह, माता मालती देवी और नाबालिग बेटे ने इच्छा मृत्यु देने की गुहार लगाई है। अक्षय के माता-पिता ने कहा है कि कब उनकी मौत हो जाए, यह पता नहीं। इसलिए पौत्र समेत तीनों को एक साथ इच्छा मृत्यु दे दी जाए। क्योंकि, उन्हें देखने वाला कोई नहीं है। इस इच्छा मृत्यु की मांग पर राष्ट्रपति की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन, माना जा रहा है कि दोषियों को फांसी से बचाने के लिए परिजनों का यह नया पैंतरा है।