विविध भारत

Navratri, Dussehra और Diwali मनाने को लेकर सरकार ने क्या कहा? जानें किन चीजों पर लगी रोक

-Sops for Festive Season: अब से कुछ दिनों बाद त्योहारों की बयार ( Festival Season 2020 ) बहने वाली है। -17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि ( Navratri 2020 ) और उसके बाद दशहरा और दिवाली ( Diwali 2020 ) जैसे बड़े त्योहार आ रहे हैं। -इस बार कोरोना वायरस ( Coronavirus ) ने पर्व-त्योहारों की रौनक गायब कर दी है।-केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ( Health Ministry ) ने त्योहारों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

2 min read
Oct 07, 2020
Navratri, Dussehra और Diwali मनाने को लेकर सरकार ने क्या कहा? जानें किन चीजों पर लगी रोक

नई दिल्ली।
Sops for Festive Season: अब से कुछ दिनों बाद त्योहारों की बयार ( Festival Season 2020 ) बहने वाली है। 17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि ( Navratri 2020 ) और उसके बाद दशहरा और दिवाली ( Diwali 2020 ) जैसे बड़े त्योहार आ रहे हैं। लेकिन, इस बार कोरोना वायरस ( coronavirus ) ने पर्व-त्योहारों की रौनक गायब कर दी है। देश में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ( Health Ministry ) ने त्योहारों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मानक संचालन प्रक्रिया ( SOPs ) जारी करते हुए कंटेनमेंट जोन ( Containment Zone ) में त्योहारों के आयोजन पर रोक लगा दी है। यानी की अगर आप कंटेनमेंट जोन में रहते हैं तो आप अपने घरों में ही त्योहार मना करेंगे।

सार्वजनिक आयोजन पर रोक
नये दिशा-निर्देशों के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन के बाहर ही उत्सव-त्योहारों के कार्यक्रम या समारोह आयोजित करने की अनुमति दी गई है। वहीं, कंटेनमेंट जोन के आयोजकों, कर्मचारियों और मेहमानों को इनमें शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कंटेनमेंट जोन के अंदर रहने वाले लोगों को अपने घरों के अंदर ही सभी त्योहार मनाने की सलाह दी गई है।

नियमों का करना होगा पालन
एसओपी में साफ तौर पर कहा गया है कि त्योहारों से जुड़े मेले, रैली, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक समारोह, जुलूस और कॉन्सर्ट्स आदि के आयोजकों को समारोह स्थल पर कोरोना गाइडलाइंस की पालना करनी होगी। इसके लिए लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन जैसे उपायों का पालन करने के लिए योजना तैयार करनी होगी। भीड़ को कंट्रोल कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा कई दिन या हफ्तेभर चलने वाले समारोहों में खास दिन को विशेष ध्यान रखना होगा।

निर्धारित संख्या में होगा आयोजन
रैली और विसर्जन जुलूस में लोगों की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी होगी। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही लंबी रैली या जुलूस में एंबुलेंस सुविधा भी होनी चाहिए। मंत्रालय का कहना है कि लोगों की कम संख्या रखने और प्रवेश पर रोक लगाने पर विचार किया जा सकता है। थर्मल स्कैनिंग, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने को सुनिश्चित करने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की जानी चाहिए।

Published on:
07 Oct 2020 11:31 am
Also Read
View All

अगली खबर