13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राम मंदिर निर्माण के आन्दोल को कोई भी रोक नहीं सकता: आनंद जी महाराज

विश्व वेदांत संस्थान के संस्थापक आनंद जी महाराज ने भी मंगलवार को कहा कि राम मंदिर निर्माण का आंदोलन दिन ब दिन तेज होता जा रहा है और अब इसे जन आंदोलन बनने से कोई नहीं रोक सकता।

2 min read
Google source verification
राम मंदिर निर्माण के आन्दोल को कोई भी रोक नहीं सकता: आनंद जी महाराज

राम मंदिर निर्माण के आन्दोल को कोई भी रोक नहीं सकता: आनंद जी महाराज

नई दिल्ली। आम चुनाव का समय जैसे-जैसे नजदीक आता रहा है वैसे-वैसे राम मंदिर का मामला एक बार फिर से सियासी रंग पकड़ता जा रहा है। देशभर के साधु-संत और हिन्दू समाज अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार पर दबाव बना रही है। हालांकि इस मामले की सुनवाई फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। बता दें कि राम मंदिर मामले को लेकर कई तरह के बयान राजनेता ओर साधुसंत दे चुके हैं। इसी कड़ी में विश्व वेदांत संस्थान के संस्थापक आनंद जी महाराज ने भी मंगलवार को कहा कि राम मंदिर निर्माण का आंदोलन दिन ब दिन तेज होता जा रहा है और अब इसे जन आंदोलन बनने से कोई नहीं रोक सकता। कोई रोके या न रोके, मगर कहना है, इसलिए उन्होंने कहा, "अयोध्या में राम मंदिर तो बनकर रहेगा। साधुसंत और भारत की आम जनता इसके लिए कमर कस चुकी है। विश्व वेदांत संस्थान अंतर्राष्ट्रीय हिंदू संस्थान एक से 6 दिसंबर तक अयोध्या में अश्वमेध महायज्ञ का आयोजन कर राम मंदिर की दिशा में पहला कदम उठाने जा रही है।"

अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अाजम खान ने दिया बड़ा बयान, भाजपा के उड़े होश

राम मंदिर के लिए किया जाएगा अश्वमेघ यज्ञ

आपको बता दें कि आनंद जी महाराज ने आगे कहा, "त्रेता युग के बाद कलयुग में पहली बार पवित्र भारत भूमि में अयोध्या की धरती पर, जहां भगवान श्रीराम ने जन्म लिया था, अश्वमेघ यज्ञ होने जा रहा है। विश्व वेदांत संस्थान सभी संतों को जोड़कर राम मंदिर का निर्माण करेगा। राम मंदिर के निर्माण के लिए अदालत के आदेश का इंतजार नहीं किया जा सकता।" उन्होंने कहा, "संतों को भव्य राम मंदिर के निर्माण का बीड़ा उठाना होगा। मंदिर का विषय राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा है। जिस व्यक्ति का अतीत नहीं होता उसका वर्तमान और भविष्य भी नहीं होता। हर हिंदू धर्म के मतावंलबी को अपने पूर्वजों का सम्मान करना चाहिए और मंदिर निर्माण में यथासंभव योगदान देना चाहिए।" बता दें कि इससे पहले बाबा रामदेव ने भी राम मंदिर को लेकर कहा था कि यदि कोर्ट से या संसद के जरिए निर्माण नहीं हुआ तो देश में विद्रोह हो सकता है। इसके आगे यह भी कहा था कि राम मंदिर का रास्ता केवल संसद के जरिए ही बन सकता है।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग