
नई दिल्ली: जहरीली हवा और बढ़ रहे प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार NGT के निर्देशानुसार ऑड इवेन लागू करने जा रही है। इस बार इसमें टू व्हीलर और महिलाओं को छूट नहीं दी गई है। सरकार ने एनजीटी के आदेश को मानते हुए इसे लागू करने का फैसला किया है। बुधवार को दिल्ली सरकार ने एनजीटी में सुनवाई के दौरान अपना एक्शन प्लान सौंपा। दरअसल ऑड-ईवन फॉर्मूले पर एनजीटी ने सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार को कहा कि हर अखबार की हेडलाइन में कि इस हफ्ते वायु प्रदूषण का स्तर ज्यादा होने जा रहा। फिर भी आपने कोई कार्रवाई नहीं की।
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सरकार ने रखा अपना पक्ष
इसपर सरकार ने ऑड ईवन पर कहा कि प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए निर्माण कार्य और ट्रकों की एंट्री पर रोक लगाई जाएगी। सुनवाई में एनजीटी ने कहा कि दिल्ली में पर्यावरण को लेकर एक भी मामले दर्ज तक नहीं हुए । सरकार ने ट्रिब्युनल को बताया कि बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए फैक्ट्रियों और उद्योगों को बंद करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दिल्ली में कूड़ा जलाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है।
एक्शन प्लान सौंपने का दिया था आदेश
गौरतलब है कि एनजीटी ने 28 नवंबर को आप सरकार और चार पड़ोसी राज्यों-पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान-को प्रदूषण से निपटने पर एक कार्रवाई योजना सौंपने को कहा था। बता दें कि 7 नवंबर को दिल्ली की हवा प्रदूषित होने पर केजरीवाल सरकार ने ऑड ईवेन लागू करने का फैसला किया था। इसमें दो पहिया वाहन और महिलाओं को राहत देने का प्रावधान था। लेकिन एनजीटी ने इसमें महिलाओं और टू व्हिलर को भी शामिल करने का आदेश दिया। जिसपर सरकार ने असमर्थता जाहिर करते हुए इस फैसले को वापस ले लिया था। सरकार ने कहा था कि दो पहिया वाहन को इसमें शामिल किया जाता है तो ट्रांसपोर्टेशन सेवा मुहैया नहीं कराई जाएगी। लेकिन अब सरकार ने एनजीटी के फैसले को सशर्त मानते हुए ऑड ईवेन लागू करने का फैसला किया है।
Updated on:
06 Dec 2017 05:51 pm
Published on:
06 Dec 2017 05:45 pm
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