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सेना को दिया जाएगा गंगा सफाई का जिम्मा, सरकार तैयार कर रही है टास्क फोर्स

सरकार भारतीय सेना और नौ अधिकारियों और 29 जेसीओ सहित 'गंगा टास्क फोर्स' नामक 532 पूर्व सैनिकों की बटालियन बना रही है
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Kapil Tiwari

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Jun 30, 2018

army clean ganga

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नई दिल्ली। गंगा सफाई के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों ने अभी तक करोड़ों रुपए इसमें खर्च कर दिए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत क्या है इससे हर कोई वाकिफ है। अब केंद्र सरकार ने गंगा सफाई के लिए एक योजना और तैयार की है। केंद्र सरकार ने गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए गंगा टास्क फोर्स के नाम से कंपोजिट इको-टास्क फोर्स की 4 बटालियन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यानि कि अब गंगा को साफ करने की जिम्मेदारी इंडियन आर्मी को दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक, अब गंगा सफाई के लिए केंद्र सरकार पूर्व सैनिकों को जिम्मा सौंपेगी। ये पूर्व सैनिक गंगा की रक्षा, साफ-सफाई और लोगों को गंगा में कचरा फेंकने से रोकेंगे।

532 सैनिकों की बनाई जाएगी बटालियन
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, सरकार भारतीय सेना और नौ अधिकारियों और 29 जेसीओ सहित 'गंगा टास्क फोर्स' नामक 532 पूर्व सैनिकों की बटालियन बना रही है। ये बटालियन इलाहाबाद, वाराणसी और कानपुर में तैनात किए जाएंगे। शुरुआत में 200 सैनिकों को काम पर लगाया जाएगा, जिनकी ट्रेनिंग इलाहाबाद में चल रही है। गंगा टास्क फोर्स के लिए पर्यवेक्षकों की यह सेना गंगा की साफ-सफाई और रक्षा करेगी साथ ही लोगों को गंगा में कचरा न फेंकने के लिए भी उत्साहित करेगी। सभी पर्यवेक्षक गंगा के प्रमुख घाटों पर गश्त कर लोगों को जागरूक करेंगे। वे इस काम में तीन साल तक लगे रहेंगे।

ऐसे की जाएगी गंगा की सफाई
स्वच्छ गंगा परियोजना के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा का कहना है, 'इस बटालियन में जवानों की नियुक्ति तीन वर्षों के लिए की जाएगी। इस प्रक्रिया को गंगा के जल को निर्मल बनाने के अभियान में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के तौर पर भी देखा जा सकता है.' उन्होंने आगे कहा, 'सेना के जवान गंगा के तटों पर वृक्षारोपण, भूमि के कटाव, कचरा डालने पर निगरानी और गंगा की स्वच्छता के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का काम भी करेंगे. इसके साथ ही वे गंगा में जैव विविधता और प्रदूषण के स्तर पर भी नजर रखेंगे।