
अब और पावरफुल हुए एनएसए अजीत डोभाल, मोदी सरकार ने दी यह बड़ी जिम्मेदारी
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकर अजीत डोभाल को नई जिम्मेदारी देते हुए देश का सबसे पावरफुल नौकरशाह बना दिया है। स्ट्रैटिजिक पॉलिसी ग्रुप (SPG) को कैबिनेट सेक्रेटरी की जगह अब अजीत डोभाल अध्यक्षता करेंगे। मोदी सरकार ने 11 सितंबर को नोटिफिकेशन और 8 अक्टूबर को गजट प्रकाशित किया, जिसके मुताबिक अब NSA को इस समूह का चेयरमैन घोषित किया गया है।
1999 में हुआ था एसपीजी का गठन
साल 1999 में एसपीजी का गठन बाहरी, आंतरिक और आर्थिक सुरक्षा के मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) की मदद के लिए किया गया था। 1999 में SPG के गठन के लिए जारी नोटिफिकेशन में कहा गया था कि कैबिनेट सेक्रेटरी इसके चेयरपर्सन होंगे। पहले एसपीजी में 16 सदस्य होते थे, लेकिन अब 18 होंगे। इसमें कैबिनेट सेक्रेटरी और नीति आयोग के वाइस चेयरमैन को दो नए सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है। डोभाला अब एसपीजी की बैठकों का संयोजन करेंगे, जबकि कैबिनेट सचिव फैसलों पर अमल को लेकर विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।
ये हैं एसपीजी के सदस्य
बता दें कि एसपीजी के अन्य सदस्य, थल सेना अध्यक्ष, नेवी चीफ, वायु सेना अध्यक्ष, आरबीआई गवर्नर, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, डिफेंस प्रॉडक्शन, रेवेन्यू, ऑटोमिक एनर्जी, स्पेस डिपार्टमेंट और नेशनल सिक्यॉरिटी काउंसिल सेक्रेट्रिएट के सेक्रेटरीज के अलावा रक्षा मंत्री के साइंटफिक एडवाइजर, कैबिनेट सेक्रट्रिएट के सेक्रटरी और इंटेलिजेंस ब्यूरो चीफ हैं। SPG के पुनर्गठन ने NSA को राष्ट्रीय सुरक्षा के रणनीतिक ढांचे में सबसे ऊपर ला दिया है। सरकार ने NSA की अगुआई में नए थिंक टैंक 'डिफेंस प्लानिंग कमिटी' की भी घोषणा की है, जो नेशनल मिलिट्री और सिक्यॉरिटी स्ट्रैटिजी और विदेशों से होने वाले रक्षा सौदों को लेकर रणनीति तैयार करेगा। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद डोभाल और पावरपुल हो गए हैं। हालांकि, मोदी सरकार ने यह परिवर्तन क्यों किया है और इसके पीछे की मंशा क्या है इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।
Published on:
09 Oct 2018 02:14 pm
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