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भारत ने अग्नि-1 मिसाइल का किया सफल परीक्षण, जानें पड़ोसी देशों में क्यों मची खलबली

भारत ने मंगलवार को ओडिशा अपतटीय क्षेत्र से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम स्वदेश निर्मित अग्नि -1 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया।

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Agni I A

नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को ओडिशा अपतटीय क्षेत्र से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम स्वदेश निर्मित अग्नि -1 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। भारतीय सेना के सामरिक बल कमांड ने बालासोर स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) के लॉन्च पैड-4 से 700 किलोमीटर दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइल का परीक्षण किया। रक्षा सूत्रों ने बताया कि यह अग्नि-1 का 18वां संस्करण है। यदि इसी क्षमता वाले देशों की बात करें तो भारत अग्नि-5 के साथ अमरीका, ब्रिटेन, रूस, चीन व फ्रांस के साथ आईसीबीएम क्षमताओं वाले राष्ट्रों में शामिल हो गया है।

सतह से सतह पर मार करने में सक्षम

रक्षा सूत्रों के अनुसार, सतह से सतह पर मार करने वाली एकल चरण मिसाइल को सैन्य बलों द्वारा नियमित परीक्षण अभ्यास के तहत लॉन्च किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह परीक्षण सेना द्वारा कम समय में भी इसे प्रक्षेपित करने की तैयारी की पुष्टि करता है। अग्नि -1 मिसाइल में एक विशेष नेविगेशन प्रणाली है जो यह सुनिश्चित करती है कि मिसाइल बिल्कुल सटीक तरीके से अपना निशाना भेदने में सफल हो। 15 टन मीटर लंबी व 12 टन वजनी अग्नि -1 एक हजार किलो तक भार ले जाने में सक्षम है।

अग्नि-5, अग्नि मिसाइल सिरीज का एडवांस वर्जन

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से निर्मित अग्नि-5, अग्नि मिसाइल सिरीज का सबसे एडवांस वर्जन है। यह 1960 में शुरू हुए इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम का भाग है। बता दें कि भारत ने इससे पहले 2012, 2013, 2015 और 2016 में इस मिसाइल का सक्सेसफुल टेस्ट किया था। यदि इसी क्षमता वाले देशों की बात करें तो भारत अग्नि-5 के साथ अमरीका, ब्रिटेन, रूस, चीन व फ्रांस के साथ आईसीबीएम क्षमताओं वाले राष्ट्रों में शामिल हो गया है। यह बैलिस्टिक मिसाइल अंतर-महाद्वीपीय 5000 किलोमीटर तक की दूरी में बैठे दुश्मन पर निशाना लगा सकती है। भारत के इस मिसाइल परीक्षण से चीन व पाकिस्तान जैसे देशों पर बड़ा प्रभाव पड़ा है।