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NEET 2017: तमिलनाडु में सरकारी स्कूल के सिर्फ 2 छात्रों ने की परीक्षा पास

राज्य के 22 सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 2,503 सीटों के लिए आयोजित की गई परीक्षा में सरकारी स्कूल के सिर्फ 2 बच्चे ही परीक्षा को पास कर पाए हैं।

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Kapil Tiwari

Sep 25, 2017

NEET

चेन्नई: नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेस टेस्ट यानि कि नीट को लेकर एक बार फिर से सवाल खड़े होना शुरु हो गए हैं। पिछले काफी समय से इस परीक्षा के पैटर्न को लेकर सवाल उठ रहे थे, लेकिन तमिलनाडु से सामने आए एक मामले ने तो इस पर सोचने को मजबूर कर दिया है। दरअसल, तमिलनाडु में इस साल केवल सरकारी स्कूल के 2 ही छात्रों ने नीट की परीक्षा को पास किया है। ये आंकड़ा बेहद ही हैरान करने वाला है, क्योंकी पिछले साल तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों के बच्चों के द्वारा नीट को पास करने का आंकड़ा 30 था और इस साल सिर्फ 2 छात्रों ने नीट की परीक्षा पास की है। राज्य में 22 सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 2,503 सीटों के लिए आयोजित की गई परीक्षा में सरकारी स्कूल के सिर्फ 2 बच्चे ही परीक्षा को पास कर पाए हैं।

हताश अनीता ने की थी आत्महत्या
वहीं स्टेट बोर्ड की परीक्षा में सबसे सबसे ज्यादा हाई स्कोर करने वाले नामक्कल जिले के करीब 109 छात्रों ने इस साल सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लिया है, हैरानी वाली बात ये है कि पिछले साल ये आंकड़ा 957 था। आपको बता दें कि नीट पर उस वक्त भी सवाल खड़े हुए थे, जब 1 सितंबर को तमिलनाडु के अरियालुर जिले में 17 साल की अनीता ने नीट की परीक्षा में असफल होने पर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले अनीता ने सुप्रीम कोर्ट में अपने मार्क्स को लेकर एक याचिका भी दायर की थी। अनीता ने 12वीं कक्षा में 98 फीसदी मार्क्स हासिल किए थे। इसके बावजूद भी अनीत मेडिकल कॉलेज में दाखिला नहीं ले पाई थी। नीट में अनीता को 720 में से 86 अंक मिले थे और परीक्षा को पास करने के लिए कम से कम 108 अंको की जरुरत थी। अनीता ने एक टीवी इंटरव्यू में इस परीक्षा के पैटर्न और सिलेबस को अपने फेल होने की वजह बताया था। तभी से नीट परीक्षा पर ज्यादा सवाल खड़े होना शुरु हो गए थे।

बाकि जिलों का भी है बुरा हाल
तमिलनाडु में नीट की परीक्षा के इस साल के नतीजे कई जिलों में चौंकाने वाले हैं। धर्मपुरी जिले में साल 2016 में 225 स्टूडेंट ने MBBS में दाखिला लिया था, जबकि इस साल 82 स्टूडेंट ने ही परीक्षा को पास किया है। वहीं कृष्णागिरी में पिछले 338 छात्रों ने नीट पास किया था और इस साल सिर्फ 82 छात्र ही नीट पास कर पाए हैं और इरोड में इस साल 100 छात्रों ने नीट पास किया है, जबिक पिछले साल ये आंकड़ा 230 था। वहीं तमिलनाडु के सबसे अधिक सामाजिक रूप से पिछड़े जिले में सिर्फ 23 छात्र इस साल MBBS में दाखिला ले पाए हैं। वहीं पिछले साल ये आंकड़ा 81 था।

चेन्नई में 4 गुना बढ़ी नीट पास करने वाले छात्रों की संख्या
वहीं बता करें चेन्नई की तो यहां पर मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले 4 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। पिछले साल 113 छात्र नीट की परीक्षा पास कर पाए थे, जो कि इस 471 हैं। तमिलनाडु के दूसरे सबसे बड़े शहर कोयंबटूर में 182 छात्रों ने नीट की परीक्षा को पास किया है, वहीं पिछले साल 102 छात्र ही इस परीक्षा को पास कर पाए थे।