
चंडीगढ़: पद्मावती से पद्मावत होने के बाद भी संजय लीला भंसाली की फिल्म को राहत नहीं मिल रही है। तमाज राज्य सराकरों को बाद अब हरियाणा सरकार ने भी विवादस्पद फिल्म 'पद्मावत' की राज्य में रिलीज पर प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद ट्वीट कर यह जानकारी दी।
अनील विज ने एक लाइन में ट्वीट में फिल्म को बैन करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि फिल्म पद्मावती/पद्मावत को हरियाण में प्रतिबंधित किया गया है।
कैबिनेट की बैठक में फैसला
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद विज ने बातचीत में फिल्म 'पद्मावत' पर प्रतिबंध लगाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने को लेकर फैसला मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया है। फिल्म का राज्य के विभिन्न हिस्सों में करणी सेना तथा अनेक हिंदू संगठन विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि फिल्म इतिहास को तोड़ मरोड़ कर तथा रानी पद्मावती को गलत स्वरूप में दिखाया गया है।
5 बड़े राज्यों में बैन
फिल्म पद्मावत हिंदी भाषी चार बड़े प्रदेशों में बैन हो चुकी है। हरियाणा, मध्य प्रदेश , गुजरात और राजस्थान के बाद अब हरियाणा में फिल्म पर बैन ने निर्माताओं की मुश्किल बढ़ा दी है। यूपी में फिल्म को लेकर सस्पेंस बरकार है।
25 जनवरी को रिलीज हो रही 'पद्मावत'
बता दें कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणीकरण बोर्ड ने फिल्म का अवलोकन करने के बाद हाल ही में इसकी रिलीज को हरी झंडी दे दी थी। अलबत्ता उसने लोगों की भावनाओं के मद्देनजर फिल्म का नाम 'पद्मावती' से बदल कर 'पद्मावत' करने के निर्माता एवं निदेशक को निर्देश दिये थे। फिल्म 25 जनवरी को रिलीज हो रही है।
विज्ञापन देकर पेश की सफाई
सोमवार को ही फिल्म 'पद्मावत' के निर्माताओं ने अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर को विज्ञापन देकर इस बात का खंडन किया है कि अलाउद्दीन खिलजी व रानी पद्मावती के बीच कोई दृश्य नहीं है और यह एक ऐसी फिल्म है, जिस पर प्रत्येक भारतीय गर्व करेगा। यह विज्ञापन फिल्म के निर्माताओं -भंसाली प्रोडक्शंस व वायाकॉम18 मोशन पिक्चर्स- द्वारा आधिकारिक रूप से फिल्म की रिलीज तिथि 25 जनवरी घोषित किए जाने के एक दिन बाद आया है। फिल्म में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा सुझाए गए संशोधन को शामिल किया गया है। फिल्म निर्माताओं ने फिल्म के विज्ञापन के अंत में कहा है, "पद्मावत एक ऐसी फिल्म है, जिस पर हर भारतीय गर्व करेगा। इसका अनुभव करने के लिए आप 25 जनवरी को नजदीकी थिएटर में जाएं।" इस विज्ञापन में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की तस्वीर है।
फिल्म के निर्माताओं ने इन बिंदुओं को स्पष्ट किया
- फिल्म महाकाव्य 'पद्मावत' पर आधारित है, जिसकी रचना सूफी कवि मलिक मोहम्मद जायसी ने की थी, जो काल्पनिक है।
- फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी व रानी पद्मावती के बीच कोई दृश्य नहीं फिल्माया गया है।
- हमने यह फिल्म राजपूतों की वीरता, विरासत व साहस की प्रसिद्धि के लिए बनाई है।
- फिल्म रानी पद्मावती को पूरे सम्मान के साथ प्रदर्शित करती है और किसी भी तरीके से उनके चरित्र या उनकी छवि को धूमिल नहीं करती है।
- फिल्म को सीबीएफसी द्वारा सिर्फ पांच संशोधनों के साथ मंजूरी दी गई और इसे भारत में यू/ए प्रमाण-पत्र के साथ आधिकारिक रूप से स्वीकृति दी गई है।
- फिल्म में आगे कोई कट या संशोधन नहीं है।
- हम सरकारी अधिकारियों, सीबीएफसी, फिल्म बिरादरी और अपने प्रशंसकों के समर्थन के लिए उनके अभारी हैं।
Updated on:
16 Jan 2018 05:16 pm
Published on:
16 Jan 2018 05:10 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
