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“युद्ध बंदियों का ब्रेन वॉश कर रहा पाक, दे रहा आतंकी प्रशिक्षण”

पाकिस्तान की विभिन्न जेलों में करीब 12 सालों तक रहने के बाद रिहा हुए विनोद साहनी ने यह सनसनीखेज दावा किया।

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Shakti Singh

Oct 01, 2015

Jail

Jail

अहमदाबाद। पाकिस्तान जेल में बंद कुछ भारतीय कैदियों का ब्रेनवॉश
किया जा रहा है। कई वर्षो से जेल में बंद इन भारतीयों को आईएसआई अपने शिकंजे में ले
रही है, इन्हें आतंकी प्रशिक्षण दिए जाने की बात भी सामने आई है। यह सनसनीखेज दावा
पाकिस्तान की विभिन्न जेलों में करीब 12 सालों तक रहने के बाद रिहा हुए विनोद साहनी
ने बुधवार को किया। वे शहर के चांदखेड़ा निवासी व पिछले करीब 20 वर्षो से ज्यादा
समय से जासूसी के आरोप में पाकिस्तान जेल में बंद भारतीय युद्धबंदी कुलदीप यादव के
घर आए थे।




कैदियों की रिहाई के लिए कर रहे काम
जम्मू के निवासी साहनी
अगस्त, 1977 में पाकिस्तान गए थे। वहां पर साहिवाल सेन्ट्रल जेल, सियालकोट के गोरा
जेल व लाहौर के कोट लखपत सेन्ट्रल जेल में रह कर उन्होंने पाकिस्तानी जेलरों के
काफी जुल्म सहे, इसके बाद वे मार्च 1988 में रिहा होकर वापस भारत आए। पाकिस्तान से
वापस आने के बाद वे वहां पर बंद भारतीय कै दियों की रिहाई के लिए काम कर रहे हैं।
68 वर्षीय साहनी ने कहा कि पाकिस्तान के मुल्तान, बहावलपुर, मियांवाली, गुजरांवाला
जैसे विभिन्न जेलों में रहने वाले कई कैदियों के साथ काफी बुरा व्यवहार होता है,
अधिकांश देशभक्त जुल्म सहते हैं। कइयों को बेडियों में जकड़ कर रखा जाता है लेकिन
भारत की सरकार वहां पर बंद भारतीय कैदियों को छुड़ाने में नाकाम रही
है।



आईएसआई उठा रही फायदा
उन्होंने बताया कि आईएसआई भारतीय कैदियों को
कहती है कि वे लोग पाकिस्तान में 20 से 25 वर्षो से बंद हैं, भारत सरकार उनके लिए
कुछ नहीं कर रही है और वे यहीं पर मर जाएंगे। इससे अच्छा है कि वे लोग आईएसआई के
लिए काम करें जिसमें पैसा भी मिलेगा, इन लोगों को भारत के ही खिलाफ काम में लिया जा
रहा है।

कुछ का हो चुका ब्रेनवॉश
साहनी का कहना है कि ज्यादातर देशभक्त
इस लालच में नहीं फंसते हैं लेकिन दिल से कमजोर कुछ लोग का ब्रेनवॉश कर दिया जाता
है। उन्होंने जम्मू के कठुआ जिले के एक ऎसे युद्धबंदी का हवाला देने का दावा किया,
हालांकि उन्होंने उसका नाम नहीं बताया। यह व्यक्ति एक फोटो में आतंकी संगठन हिजबुल
मुजाहिदीन के बैनर तले बैठे तथा शपथ लेते हुए दिखाया गया। यह भारतीय कैदी रावलपिंडी
के अडियाला जेल में बंद था, यह वही जेल है जहां पर जुल्फिकार अली भुट्टो को फांसी
दी गई थी।

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