
gourav tiwari death
नई दिल्ली। देश के जाने-माने पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर (भूत-प्रेतों पर काम करने वाला) गौरव तिवारी की मौत की गुत्थी अभी भी उलझी हुई है। पुलिस आशंका जता रही है कि यह आत्महत्या हो सकती है। पुलिस का कहना है कि किसी भी पॉसिबिलिटी से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि पुलिस गौरव से जुड़ी घटनाओं को जोड़ कर नतीजा निकालने में जुटी हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गौरव तिवारी की मौत 7 जुलाई को हुई थी। उनकी लाश बाथरूम में मिली थी, उनकी लाश के पास ही एक दुपट्टा भी मिला था। जिसके चलते पुलिस ने आशंका जताई कि यह आत्महत्या हो सकती है। फैमिली मेम्बर्स के अनुसार उनकी लाश जमीन पर पड़ी हुई थी। यह भी माना जा रहा है कि किसी प्रयोग के दौरान ही उनकी मौत हो गई हो। पुलिस को घर से एक टूटा हुआ मोबाइल भी मिला है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गौरव के गले में अंदर और बाहर की तरफ कुछ निशान मिले हैं। लेकिन उसकी सांस की नली में भी कोई घाव नहीं दिखा। अगर गौरव ने फांसी लगाई होती तो उसकी सांस की नली टूट जाती, जबकि इसमें ऐसा कुछ भी नहीं है। पुलिस ने उनकी लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने पर ही उनकी मौत के कारणों का खुलासा होगा।
घटना वाले दिन मां से हुई थी बहस
पुलिस ने बताया कि 6 जुलाई की रात को गौरव अपने पैरानॉर्मल इन्वेस्टीगेशन के सिलसिले में जनकपुरी इलाके में गया था। वह रात में एक बजे लौटा। इसी दिन उसका अपनी मां से कुछ वाद-विवाद हुआ। मां ने देर से आने की वजह पूछी जो गौरव ने नहीं बताई। ज्यादा पूछताछ पर गौरव ने अपने पिता को कहा कि वह अब बच्चा नहीं है और जो भी चाहे कर सकता है।
जताई थी अनहोनी होने की आशंका
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गौरव ने अपने परिजनों को किसी अनहोनी होने की आशंका जताई थी। उन्होंने कुछ दिन पहले अपनी पत्नी को कहा था कि कोई बुरी ताकत उन्हें अपनी ओर खींच रही है, जिस पर उनका कंट्रोल नहीं है। उनकी पत्नी ने इसे काम का प्रेशर का असर समझ कर टाल दिया।
पैरानॉर्मल इन्वेस्टीगेटर थे गौरव तिवारी
गौरव की रूचि भूत-प्रेत और आत्माओं में थी। वह अक्सर उनसे बात करने की कोशिश करते, उन्हें समझने का प्रयास करते। गौरव ने 2009 में इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी बनाई थी। जिसका मकसद लोगों के मन से भूत-प्रेत का डर निकालना था। वह अक्सर अपनी रिसर्च में साइंटिफिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते थे। उनके साथ उनकी टीम थी जिसके साथ वह लेटेस्ट इक्विपमेंटस लेकर जाते थे। गौरव की वेबसाइट के अनुसार उनकी टीम ने देश भर में भूतहा माने जाने वाली 6000 जगहों पर विजिट कर जांच-पड़ताल की थी।
वह अक्सर हॉन्टेड (भूतिया) जगहों पर जाते तथा वहां मौजूद अनजानी शक्तियों (भूत, प्रेत या अन्य किसी किस्म की आत्मा) को ढूंढने तथा उनसे बात करने का प्रयास करते। उन्हें प्रसिद्धि तब मिली जब उन्होंने भानगढ़ के किले में पूरी रात रहकर वहां की घटनाओं की रिकॉर्डिंग की और अगले दिन सकुशल बाहर भी निकल आए।
फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में भी थे सक्रिय
गौरव तिवारी ने '16 दिसंबर' और 'टेंगो चार्ली' जैसी फिल्मों में भी काम किया था। इनके अलावा वह 'हॉन्टेड वीकेंड्स विद सनी लियोनी', एमटीवी के 'गर्ल्स आउट', 'भूत आया' और 'फियर फाइल्स' जैसे प्रोग्राम्स का हिस्सा भी रहे थे।
Published on:
12 Jul 2016 01:25 pm
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