7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लॉकडाउन में मिले अतिरिक्त समय का कैसे इस्तेमाल कर रहे लोग? पत्रिका पोल में आया यह जवाब

लॉकडाउन में मिले अतिरिक्त समय का घरों में कैसे इस्तेमाल कर रहे लोग पत्रिका के पोल में अधिकांश लोगों ने नया हुनर सीखने में दिया जवाब

2 min read
Google source verification
लॉकडाउन में मिले अतिरिक्त समय का कैसे इस्तेमाल कर रहे लोग? पत्रिका पोल में आया यह जवाब

लॉकडाउन में मिले अतिरिक्त समय का कैसे इस्तेमाल कर रहे लोग? पत्रिका पोल में आया यह जवाब

नई दिल्ली। भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। देश में पिछले 24 घंटों में सामने आए कुल 1063 नए मामलों के बाद से देश में रविवार सुबह तक विदेशी नागरिकों सहित कोविड-19 महामारी से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 15,707 हो गई है। वहीं, सरकार ने कोरोना की रोकथाम के लिए देश में लॉकडाउन लागू किया हुआ है। नए आदेशों के अनुसार 14 अप्रैल को खत्म होने वाले लॉकडाउन को अब 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। ऐसे में टाइट शेड्यूल वाले लोगों को भी घर पर रहने का खूब समय मिल रहा है। लॉकडाउन के इस समय लोग अपने-अपने तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। कोई अपनी पसंद की किताबें बढ़ रहा है तो कोई वेब सीरीज देखने में मग्न है। नौकरीपेशा वाली महिलाओं ने भी अब किचन संभाल लिया है और वो नई-नई रेसिपी सीख रही हैं।

क्या कोरोना की थर्ड स्टेज के मुहाने पर बैठी है दिल्ली, जानें स्वास्थ मंत्री ने क्या दिया जवाब?

ऐसे में पत्रिका ने लॉकडाउन में खाली समय के इस्तेमाल को लेकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऑनलाइन पोल किया। पत्रिका ने अपने ऑनलाइन पोल में पूछा है कि लॉकडाउन के दिनों घर पर ही रहने की वजह से जो अतिरिक्त समय आपको मिला, क्या आप उसका इस्तेमाल कोई नया हुनर (skill) सीखने या शौक़ पूरा करने के लिए कर रहे हैं?

लॉकडाउन में दिल्ली फंस गए पप्पू यादव, जानें फिर नीतीश कुमार को चिठ्ठी में लिखी क्या बात?

इस सवाल के जवाब में यूजर्स को हां, नहीं और पता नहीं का बटन दबाना था। आपको जानकर हैरानी होगी कि फेसबुक पर पत्रिका के इस पोल में 65.9 प्रतिशत यूजर्स का जवाब हां था। यानी वो लॉकडाउन में मिले समय का इस्तेमाल कोई नया हुनर सीखने में कर रहे हैं। जबकि 29.4 प्रतिशत यूजर्स ने इस पर अपनी असहमति जताई। 4.7 प्रतिशत को इस विषय में जानकारी नहीं है।