झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ती हुई नजर आ रही है। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से स्थिति में काफी सुधार नजर आ रहा है। झारखंड में पिछले डेढ़ महीने में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या इजाफा हुआ है।
पूरा देश इस समय महामारी कोरोना वायरस से जूझ रहा है। कोरोना की दूसरी लहर का देश के कई राज्यों में मौत का तांडव जारी है। रोजाना कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं इस बीमारी से मरने वाले लोगों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। इसी बीच झारखंड से राहत की खबर आई है। पत्रिका पॉजिटिव न्यूज कैंपेन ( Patrika Positive News ) के अंतर्गत हम आज आपको झारखंड की कोरोना रिवकरी रेट के बारे में बताने जा रहे है, जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ती हुई नजर आ रही है। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से स्थिति में काफी सुधार नजर आ रहा है। झारखंड में पिछले डेढ़ महीने में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या इजाफा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में कोरोना रिकवरी रेट राष्ट्रीय औसत से बहुत ज्यादा है।
84.05 प्रतिशत कोरोना रिकवरी रेट
कोरोना रिकवरी रेट में झारखंड सबसे आगे चल रहा है। यहां पर कोविड रिकवरी रेट 84.05 प्रतिशत चल रही है। यह रिकवरी रेट राष्ट्रीय औसत से बहुत बढ़िया है। राष्ट्रीय औसत की बात करें तो 83.50 प्रतिशत है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान 3,776 नए पॉजिटिव केस सामने आए है। वहीं,7,112 लोगों ने कोरोना से ठीक हो गए है।
टूट रही संक्रमण की चेन
बिहार में नीतीश कुमार की सरकार भी कोरोना के खिलाफ कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। पिछले कुछ दिनों से बिहार में भी कोरोना रिकवरी रेट में सुधार हुआ है। प्रदेश में लॉकडाउन लगने के बाद कोरोना संक्रमण का ग्राफ गिरता ही जा रहा है। संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिल रही है। शनिवार को राज्य में 7,494 नए मामले सामने आए। बिहार में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 89,563 है। बीते 24 घंटे में कुल 1,08,316 सैम्पल की जांच हुई है। अबतक कुल 5,44,445 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।
उत्तराखंड का रिकवरी रेट सबसे कम
उत्तराखंड में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या सबसे कम है। उत्तराखंड में सबसे कम रिकवरी रेट 67.8 प्रतिशत है। इसके बाद सिक्किम (68.5 प्रतिशत), कर्नाटक (70.6 प्रतिशत), हिमाचल (72 प्रतिशत), गोवा (73.2 प्रतिशत), राजस्थान (73.4 प्रतिशत) और केरल (78.3 प्रतिशत) हैं। मिजोरम, लक्षद्वीप, नागालैंड, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी अन्य ऐसे हैं जिनका रिकवरी रेट 75 प्रतिशत से कम है।