
प्रति व्यक्ति आय की ग्रोथ रेट में कमी की आशंका, केंद्र सरकार ने जताया अनुमान
नई दिल्ली। आर्थिक बदलावों से गुजर रहे भारत में प्रति व्यक्ति आय की ग्रोथ रेट में गिरावट का अनुमान जताया गया है। प्रति व्यक्ति आय को देश में आर्थिक प्रगति का प्राथमिक संकेतक माना जाता है। आधिकारिक आंकड़ों में सामने आई जानकारी के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 में देश की प्रति व्यक्ति आय की ग्रोथ रेट 8.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में प्रति व्यक्ति आय की ग्रोथ रेट 10.3 फीसदी थी। मौजूदा सत्र में देश की प्रति व्यक्ति आय 1,03,870 रुपए से बढ़कर 1,12,835 रुपए होने की संभावना है। ये आंकड़े सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी किए गए हैं।
आधार वर्ष 2011-12 के हिसाब से अनुमान
वहीं आधार वर्ष 2011-12 के स्थिर मूल्यों की बात की जाए तो वास्तविक आधार पर 2017-18 में प्रति व्यक्ति आय 5.4 फीसदी बढ़कर 86,668 रुपए रही, जो 2016-17 में 82,229 रुपए पर थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 2017-18 में प्रति व्यक्ति आय वृद्धि 5.4 फीसदी रहने का अनुमान है जो कि इससे पिछले वर्ष में 5.7 फीसदी रही थी।'
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सकल राष्ट्रीय आय में 10 फीसदी इजाफा
आंकड़ों के अनुसार वर्तमान कीमत पर 2017-18 में देश की सकल राष्ट्रीय आय 10 फीसदी बढ़कर 165.87 लाख रुपए पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 150.77 लाख रुपए थी। वहीं 2011-12 आधार वर्ष के मुताबिक स्थिर मूल्य पर सकल राष्ट्रीय आय 6.7 फीसदी बढ़कर 128.64 लाख रुपए रही , जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 120.52 लाख रुपए थी। मार्च 2017 में समाप्त वित्त वर्ष में वास्तविक सकल राष्ट्रीय आय में 7.1 फीसदी वृद्धि रही।
प्रतिव्यक्ति आय का फॉर्मूला
प्रतिव्यक्ति आय की गणना के लिए किसी भी देश की कुल राष्ट्रीय आय को वहां रहने वाली कुल जनसंख्या से भाग दिया जाता है।
Published on:
01 Jun 2018 04:58 am
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