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सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा सीबीएसइ विवाद, छात्रों ने पुनर्परीक्षा के खिलाफ डाली याचिका

मैथ्यू ने कहा है कि पुनर्परीक्षा के तथ्यों और परिस्थितियों की समीक्षा करने के लिए एक विशेष उच्चाधिकार समिति गठित की जानी चाहिए।

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Siddharth chaurasia

Mar 31, 2018

Supreme Court

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) की 10वीं के गणित विषय के प्रश्न-पत्र लीक होने पर बोर्ड द्वारा उसकी दोबारा परीक्षा कराने के फैसले को केरल के एक छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। छात्र ने प्रश्न-पत्र के मात्र दिल्ली में ही लीक होने की खबरों के बाद याचिका दायर की। कोच्चि में चॉइस स्कूल के छात्र रोहन मैथ्यू ने तर्क दिया है कि पुनर्परीक्षा का फैसला संविधान के अनुच्छेद 14 (कानूनी समानता), अनुच्छेद 21 (जीवन और आजादी का अधिकार) और अनुच्छेद 21ए (शिक्षा का अधिकार) का उल्लंघन कर मनमाने और अवैध तरीके से लिया गया है।

अधिकारियों पर हो ठोस कार्रवाई
उन्होंने याचिका में सीबीएसइ को 28 मार्च को हुई 10वीं की गणित की परीक्षा का मूल्यांकन कर 10वीं का परिणाम घोषित करने का निर्देश देने का आग्रह किया है। मैथ्यू ने कहा है कि पुनर्परीक्षा के तथ्यों और परिस्थितियों की समीक्षा करने के लिए एक विशेष उच्चाधिकार समिति गठित की जानी चाहिए। छात्र ने केरल हाईकोर्ट में वकालत करने वाले अपने पिता के माध्यम से याचिका दायर करते हुए कहा है कि 16 लाख परीक्षार्थियों के भविष्य को खतरे में डालने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

25 अप्रैल को 12वीं के अर्थशास्त्र की पुनर्परीक्षा
उल्लेखनीय है कि सीबीएसइ द्वारा 12वीं के अर्थशास्त्र की पुनर्परीक्षा देशभर में 25 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। जबकि 10वीं के गणित की दोबारा परीक्षा मात्र दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और हरियाणा में जुलाई के महीने में कराई जाएगी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय में स्कूली शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने कहा कि सीबीएसइ 10वीं के गणित का प्रश्न-पत्र मात्र दिल्ली और हरियाणा में ही लीक हुआ था, क्योंकि इसके राष्ट्रीय स्तर पर लीक होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।

उन्होंने कहा कि 12वीं के अर्थशास्त्र का प्रश्न-पत्र देशभर में लीक हुआ था, इसलिए उसकी दोबारा परीक्षा 25 अप्रैल को आयोजित होगी। लेकिन भारत के बाहर प्रश्न-पत्र लीक का कोई मामला नहीं होने के कारण देश के बाहर कोई नई परीक्षा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा के निर्णय से परीक्षा परिणामों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सीबीएसइ की परीक्षा के परिणाम आम तौर पर मई के अंत तक आते हैं।

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