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Journey Of Sushma: बचपन से अंतिम विदाई तक, तस्वीरों में देखिए सुषमा स्वराज के जीवन की एक झलक

सुषमा स्वराज का जन्म हरियाणा के अंबाला कैंट में हुआ था चंडीगढ़ से सुषमा स्वराज ने लॉ की डिग्री ली थी 25 साल की उम्र में सुषमा स्वराज केन्द्रीय मंत्री बनी थीं

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नई दिल्ली। 'जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मुकाम वो फिर नहीं आते...वो फिर नहीं आते'। किशोर कुमार की यह सदाबहार गीत आज सबको याद आ रही होगी। क्योंकि, देश की जानीमानी नेत्री और पूर्व विदेश मंत्रीसुषमा स्वराज हमारे बीच नहीं रहीं। उनके जाने से देश शोकाकुल है और लोगों की आंखें नम हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तक सुषमा स्वराज के निधन पर गमगीन हैं। बतौर राजनेता सुषमा स्वराज की देश में अलग पहचान थी। आज हम आपको तस्वीरों के जरिए बचपन से अंतिम विदाई तक सुषमा स्वराज के जीवन की एक झलक दिखा रहे हैं।

जन्म: सुषमा स्वराज (सुषमा शर्मा) का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अंबाला कैंट में हुआ था। सुषमा स्वराज के माता-पिता पाकिस्तान के लाहौर के धर्मपुर से थे। हालांकि, बाद में वे हरियाणा में आकर बस गए थे। (साइकिल पर सुषमा स्वराज पीछे बैठी हैं)

बचपन: सुषमा ने अंबाला कैंटोनमेंट के सनातन धर्म कॉलेज से शुरुआती शिक्षा पूरी की। स्वराज ने संस्कृत और राजनीति विज्ञान में बैचलर डिग्री ली थी।

युवा अवस्था: अंबाला के बाद आगे की पढ़ाई करने के लिए सुषमा स्वराज चंडीगढ़ चली गईं। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से कानून की पढ़ाई की थी।

लव स्टोरी: कानून की पढ़ाई के दौरान ही सुषमा स्वराज की मुलाकात स्वराज कौशल से हुई और दोनों का प्यार परवान चढ़ा।

सुषमा की शादी: सुषमा स्वराज के घरवाले इस प्यार और शादी के पक्ष में नहीं थे। इसके बावजूद सुषमा स्वराज ने 13 जुलाई 1975 को स्वराज कौशल से शादी की और इस तरह सुषमा शर्मा से वह सुषमा स्वराज बन गईं।

सुषमा का सियासी सफर: साल 1970 में सुषमा स्वराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुई थीं और यहीं से उनका सियासी सफर शुरू हुआ था। सुषमा स्वराज के पिता भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख सदस्य थे।

सुप्रीम कोर्ट में सुषमा का करियर: 1973 में सुषमा स्वराज ने सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस शुरू की। वह बड़ौदा डायनामाइट मामले में स्वराज कौशल के साथ जॉर्ज फर्नांडीस की लीगल टीम का हिस्सा थीं।

युवा कैबिनेट मंत्री: सुषमा स्वराज 25 साल की उम्र में 1977 में जनता पार्टी की सरकार में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बनी थीं।

27 वर्ष की उम्र में सुषमा स्वराज जनता पार्टी की हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला थीं। वह किसी राजनीतिक पार्टी की पहली महिला प्रवक्ता भी बनीं।

दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री सुषमा: साल 1998 में 1998 सुषमा स्वराज दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।

जनवरी 2003 से मई 2004 तक सुषमा स्वराज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रही थीं। 2014 में मोदी सरकार में सुषमा स्वराज विदेश मंत्री रहीं।


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