15 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

PM Mann Ki Baat: ‘पुलवामा निभा रहा है पूरे देश को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका’

मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने देश को कहा, दशहरा त्योहार संकटों पर जीत का भी है उत्सव कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने देशवासियों को एक बार फिर से दी दशहरे की बधाई
2 min read
Google source verification

•

image

Saurabh Sharma

•

Oct 25, 2020

pm.jpeg

नई दिल्ली। PM Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की कार्यक्रम की शुरूआत में एक बार फिर से देश को दहशरे की बधाई दी और कहा कि अब देश में त्योहारों की शुरूआत हो जाएगी। इस मौके पर उन्होंने देश के लोगों से कहा कि त्योहारों में खरीदारी करते समय एक बात बिल्कुल भी ना भूलें और वो है वोकल फॉर लोकल। स्वदेशी सामानों की ही खरीदारी करें। ताकि देश के छोटे रोजगारों को बढ़ावा मिल सके। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने स्वदेशी सामान को लेकर मुहिम छेड़ी हुई है। यह मुहिम तब और तेजी से बढ़ गई जब चीन के साथ बॉर्डर पर टेंशन बढ़ गई और सरकार ने कई चीनी सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया।

असत्य पर सत्य की जीत
इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को दशहरें की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दशहरा संकटों पर जीत का भी पर्व है। पीएम यह भी कहा कि दशहरा असत्य पर सत्य की जीत का पर्व के साथ संकटों पर जीत का भी उत्सव है। उन्होंने आज सुबह देश को रामनवमी की भी शुभकामनाएं दी थी।

देश के जवानों को किया नमन
पीएम मोदी ने बॉर्डर पर तैनात देश के जवानों को भी दशहरे की शुभकामनाएं दी। उन्होंने देश के लोगों से अपील की वो एक दिया देश के जवानों के नाम का भी जलाए। उन्होंने देश के जवानों से कहा कि भले ही देश के वीर जवान सीमा पर देश की सुरक्षा पर डटे हुए हैं, लेकिन उनके लिए देश का हर इंसान कामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि मैं देश के जवानों के परिजनों के त्याग को नमन करता हूं। पीएम मोदी ने देश के लोगों से एक बार फिर से अपील की कि सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें।

पुलवामा की पेंसिल और स्लेट
पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर स्थित पुलवामा देश को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। घाटी देश की करीब 90 फीसदी पेंसिल स्लेट की मांग को पूरा करती है। जिसमें पुलवामा की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। एक समय था जब देश को पेंसिल और स्टेल को बनाने वाली लकड़ी के लिए आयात नी निर्भर रहना पड़ता था, अब पुलवामा ने पूरे देश को इसमें आत्मनिर्भर बना दिया है।