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PM मोदी ने शेयर किया चंद्रयान 2 का सीक्रेट, छात्रों से चर्चा के दौरान कही यह बात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( PM Narednra Modi ) ने छात्रों ( Students ) से की चर्चा चंद्रयान 2 ( Chandrayaan 2 ) का उदाहरण देकर शेयर किया इतना बड़ा सीक्रेट

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pm modi on Chandrayaan 2

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चंद्रयान 2 का सीक्रेट शेयर किया।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने बोर्ड परीक्षाओं से पहले आज छात्रों और उनके माता-पिताओं के साथ संवाद किया। दिल्ली के तालकटोरा से पीएम मोदी ( PM Modi ) ने जहां छात्रों की हिम्मत बढ़ाई, वहीं परीक्षा को लेकर कई गुरुमंत्र भी दिए। इस दौरान पीएम मोदी ने छात्रों के साथ चंद्रयान 2 ( Chandrayaan 2 ) का एक सीक्रेट भी शेयर किया।

पीएम मोदी ने छात्रों को चंद्रयान 2 की विपलता से सीखने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विपलताओं में भी सफलता की शिक्षा पायी जा सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि जब चंद्रयान 2 लॉन्च होने वाला था तो उन्हें इसरो में जाने से मना किया गया था। पीएम मोदी ने कहा कि मना करने के बावजूद वो वहां गए और वैज्ञानिकों के मायूस चेहरा को देखकर रातभर वह नहीं सोए।

पीएम मोदी ने उदारहण देते हुए कहा कि आप सब रात को जाग रहे थे, चंद्रयान को भेजने में कोई योगदान नहीं था लेकिन आप मन लगाकर बैठे कि आपने ही किया हो। जब नहीं हुआ तो आप सबके सब पूरा देश डिमोटिवेट हो गया था। कभी-कभी विफलता हमको ऐसा कर देती है। क्योंकि, उस दिन मैं भी वहां मौजूद था।

पीएम ने कहा कि आपको सीक्रेट बताता हूं कि कुछ लोगों ने मुझसे कहा था कि आपको इस कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए थे, इसमें श्योरिटी नहीं है। आप जाएंगे और फेल हो गया तो क्या करोगे, मैंने कहा था इसीलिए मुझे जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब लास्ट कुछ मिनट थे मैं देख रहा था वैज्ञानिकों के चेहरों पर बदलाव दिख रहा है, तनाव दिख रहा है, मुझे लग रहा था कि कुछ अनहोनी हो रही है, फिर थोड़ी देर में आकर मुझे बताया, मैंने कहा कि ठीक है कि आप ट्राई करिए फिर 10 मिनट बाद बताया नहीं हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं कुछ वैज्ञानिकों के साथ बैठक और उनसे चर्चा की। इसके बाद फिर चक्कर लगाया और रात को करीब तीन बजे मैं अपने होटल गया। उन्होंने कहा कि मुझे नींद नहीं आ रही थी और मैं चैन से नहीं बैठ पाया। उन्होंने कहा कि आधा-पौन घंटा ऐसे ही बिताया, मैं चक्कर काट रहा था मैंने फिर सबको बुलाया। मैंने कहा कि देखिए सुबह हमको जाना है, सुबह हम जल्दी नहीं जाएंगे, देर से जाएंगे। इसके बाद सुबह वैज्ञानिकों के साथ मीटिंग की और उनके काम को सराहा। इसके बाद पूरा माहौला बदल गया।