
अटल टनल लेह-लद्दाख के लोगों की लाइफलाइन बनेगी।
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ( PM Modi ) ने शनिवार को रोहतांग जिले में दुनिया की सबसे लंबी सुरंग 'अटल टनल' का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने एक कार्यक्रम में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। अटल जी का सपना पूरा होेने के साथ हिमाचल के करोड़ों लोगों का दशकों पुराना इंतजार समाप्त हुआ। अब अटल टनल लेह-लद्दाख के लोगों की लाइफलाइन बनेगी। इससे देश की बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलेगी। आइए हम आपको बताते हैं पीएम मोदी की ओर से कही गई 10 अहम बातें :
1. अटल टनल का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे अटल टनल के लोकार्पण का अवसर मिला है। जैसा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि मैं यहां संगठन का काम देखता था। यहां के पहाड़ों और वादियों में बहुत ही उत्तम समय बिताता था। जब अटल जी मनाली में आते थे, तो अक्सर उनके साथ बैठता और गपशप करता था।
2. इस टनल के चालू होने से लेह-लद्दाख के किसानों और युवाओं के लिए अब देश की राजधानी दिल्ली और दूसरे बाजारों तक पहुंचना मुश्किल नहीं रहा। इतना ही नहीं अब अटल टनल लेह—लद्दाख की लाइफलाइन बनेगी। मनाली और केलॉंग के बीच की दूरी तय करने में 4 घंटे कम समय लगेगा।
3. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस टनल के निर्माण कार्य की शुरुआत पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने 26 मई, 2002 में की थी। कांग्रेस की सरकारों ने इस काम को भुला दिया। 2013 से 14 तक टनल के लिए सिर्फ 1300 मीटर का काम हो पाया था। अगर उसी रफ्तार से काम चला होता तो ये सुरंग साल 2040 में जाकर पूरा हो पाती। तब जाकर लोगों के जीवन में ये दिन आता, उनका सपना पूरा होता।
4. उन्होंने कहा कि अटल टनल के काम में 2014 के बाद तेजी लाई गई। हर साल 300 मीटर सुरंग बनने की गति को बढ़ाकर 1400 मीटर प्रति वर्ष की गई। उसके बाद 26 साल के काम को हमने 6 साल में पूरा किया।
5. पीएम मोदी ने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि अटल जी के साथ ही एक और पुल का नाम जुड़ा है- कोसी महासेतु का। बिहार में कोसी महासेतु का शिलान्यास भी अटल जी ने ही किया था। 2014 में सरकार में आने के बाद कोसी महासेतु का काम भी हमने तेज करवाया। कुछ दिन पहले ही कोसी महासेतु का भी लोकार्पण किया जा चुका है।
6. पीएम ने कहा कि हमारी सरकार जो फैसले करती है उसे पूरा भी करतरी है। हमारे लिए देश हित और सुरक्षा से बड़ा,कुछ नहीं है। लेकिन देश ने लंबे समय तक वो दौर भी देखा है जब देश के रक्षा हितों के साथ समझौता किया गया।
7. अटल टनल उद्घाटन कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए पूरी ताकत लगा दी गई है। सड़क, पुल और सुरंग बनाने का काम देश में इतने बड़े स्तर पर पहले कभी नहीं हुआ। लेकिन अब इस काम का लाभ आम लोगों के साथ हमारे फौजी भाई-बहनों को भी हो रहा है।
8. मेक इन इंडिया के तहत देश में ही आधुनिक हथियार बनाने का काम तेजी से हो रहा है। इसके लिए बड़े पैमाने पर सुधार कार्यक्रत पर अमल जारी है। लंबे इंतज़ार के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अब हमारे सिस्टम का हिस्सा है। देश की सेनाओं की आवश्यकताओं के मुताबिक Procurement और Production दोनों में बेहतर तालमेल के साथ काम हो रहा है।
9. इस सुरंग से अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के वाहनों की आवाजाही संभव है। हर रोज 3000 कारों और 1500 ट्रकों की आवाजाही के लिहाज से डिजाइन किया गया है। इस सुरंग की लंबाई 9.02 किलोमीटर है। यह सुरंग मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ती है। इस सुरंग के चालू होने से मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो गई है।
10. अटल टनल के उद्घाटन के अवर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सहित सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सामरिक रूप अहम यह सुरंग हिमालय की पीर पंजाल श्रृंखला में समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊंचाई पर बनाई गई है।
Updated on:
03 Oct 2020 01:39 pm
Published on:
03 Oct 2020 01:22 pm
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