
तेल की बढ़ी कीमतों पर विपक्ष के निशाने के बाद झुकी सरकार, पीएम ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक
नई दिल्ली: देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतें और रुपए में गिरावट को लेकर विपक्ष के निशाने पर आई मोदी सरकार चिंतित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाने का निर्देश जारी किया है। अगले दो दिनों में बैठक होने की उम्मीद जताई जा रही है। तेल की बढ़ती कीमतें और कमजोर रुपया की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। बैठक में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और अधिकारी शामिल होंगे । गौरतलब है कि पिछले दिनों पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी। और तेल के बढ़े दामों पर चर्चा की। पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने कहा था कि तेल की कीमतों को कम करने के लिए सरकार को कड़े और ठोस फैसले लेने होंगे।
विपक्ष का मोदी सरकार पर हमला जारी
गौरतलब है कि तेल की बढ़ी कीमतों और रुपए में गिरावट को लेकर सरकार बैकफुट पर है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। पेट्रोल डीजल के बढ़े दाम और रुपए में गिरावट को लेकर कांग्रेस ने 10 सितंबर को भारत बंद किया था। कांग्रेस तेल के बढ़े दामों को लेकर मोदी सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। भारत बंद के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि पेट्रोल 80 के पार और डीज़ल करीब 80 रुपए के पास पहुंच गए। एलपीजी के दाम 800 रुपए तक पहुंच गए हैं। पहले पूरे देश में पीएम मोदी घूम-घूमकर कहते थे कि पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं लेकिन आज एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं। आखिर पीएम मोदी अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ रहे हैं।
रुपए में गिरावट और तेल के बढ़ें दामों का बाजार पर असर
डाॅलर के मुकाबले रुपए में गिरावट ने भारतीय अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ कर रख दी। रुपए में कमजोरी का सबसे बड़ा असर घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिला है। बाजार एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर तेल के दाम और रुपए में गिरावट इसी तरह जारी रही तो बाजार को और भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
Updated on:
13 Sept 2018 04:06 pm
Published on:
13 Sept 2018 03:44 pm
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