
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना दो दिवसीय चीन दौरा पूरा कर भारत के लिए रवाना हो गए हैं। इससे पहले आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वुहान में 'हर्ट टू हर्ट' शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन बोटिंग के दौरान कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया।
बोटिंग के अलावा दोनों देशों के नेताओं में ईस्ट लेक के किनारे वाक का भी आनंद लिया। पीएम की चीन यात्रा पर विदेश सचिव विजय गोखले ने पीसी में कहा कि दोनों नेताओं की इस मुलाकात से भारत-चीन के रिश्ते और मजबूत होंगे। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन दौरा खत्म हो गया हो, लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनके आज बिताए गए समय को दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिस तरह से प्रोटोकॉल को तोड़कर जिनपिंग ने पीएम मोदी से अनौपचारिक बातचीत की, उससे यहीं लगता है कि चीन भारत से अपने संबंधों को मजबूती देना चाहता है।
आपको बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है जब चीन के राष्ट्रपति ने किसी प्रधानमंत्री से प्रोटोकॉल तोड़कर अनौपचारिक भेंट की हो। दोनों नेताओं ने वुहान के ईस्ट लेक में साथ नौका विहार भी किया और फिर लेक के किनारे टहलते हुए काफी वक़्त साथ में बिताया। राजनीतिक हलकों में ऐसी व्यक्तिगत अनौपचारिक मुलाकातों का बहुत प्रभाव होता है। लेकिन यह आने वाले दिनों में साफ हो पाएगा कि मोदी और जिनपिंग की इस मुलाकात का कितना असर हुआ है।
पिछले साल 73 दिनों तक चले डोकलाम गतिरोध के बाद वुहान में भारत और चीन के अपने संबंधों को सुधारने और विश्वास बहाली की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि बीते चार सालों में प्रधानमंत्री मोदी की यह चौथी चीन यात्रा है। इससे साफ़ जाहिर होता है कि प्रधानमंत्री मोदी चीन के साथ भारत के संबंधों को लेकर कितने गंभीर हैं।
Updated on:
28 Apr 2018 02:59 pm
Published on:
28 Apr 2018 03:01 pm
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