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प्रधानमंत्री रहते किताब लिखने वाले पहले पीएम बने नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी इससे पहले भी ज्योति-पुंज, सोशल हार्मनी और इंडियाज सिंगापुर स्टोरी जैसी किताबें लिख चुके हैं।

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नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री रहते हुए किताब लिखने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए। इससे पहले भी कई प्रधानमंत्री पुस्तक लिख चुके हैं, लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री रहते कोई पुस्तक नहीं लिखी। प्रधानमंत्री ने परीक्षा के तनाव से छात्रों को बचाने के लिए एक पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक का नाम है 'एग्जाम वॉरियर्स'। यह पुस्तक बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के मद्देनजर है। इसलिए इसे बोर्ड पहले लॉन्च किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, इसमें परीक्षा के तनाव से बचने के तरीके और परीक्षा में कैसे बेहतर करें के साथ देश के भविष्य की जिम्मेदारी उन्हें कैसे उठानी चाहिए, इस पर भी रोशनी डाली गई है। यह पुस्तक कई भाषाओं में उपलब्ध होगी। इसका प्रकाशक पेंग्विन पब्लिशिंग हाउस है।

अभिभावक और शिक्षकों के लिए भी हैं टिप्स
मिली जानकारी के मुताबिक, किताब में शिक्षा को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का विशिष्ट नजरिया दिखता है। किताब का सार ये है कि छात्र अंकों के पीछे न भागें और न ही उसकी वजह से तनाव में रहें। किताब बेहद रोचक तरीके से लिखी गई है। किताब में अलग-अलग गतिविधियों के लिए अलग-अलग सेक्शन है। किताब का सार यह है कि कि बोर्ड की परीक्षा के दौरान न सिर्फ छात्र बल्कि पूरा परिवार, छात्रों के शिक्षक और आसपास का पूरा माहौल तनाव ग्रस्त हो जाता है। इसी तनाव को कम करने के लिए प्रधानमंत्री ने टिप्स दिए हैं। ये सुझाव केवल छात्रों को लेकर नहीं है, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी हैं।

योग को भी दी गई है जगह
इससे पहले प्रधानमंत्री परीक्षा के डर से बच्चों की ओर से अपना अहित करने पर वह मन की बात में चिंता जता चुके हैं। उन्होंने 'मन की बात' में छात्रों को संबोधित करते हुए 'प्रेशर' और 'प्लेजर' का अंतर बताया था। इस किताब में इसी पर विस्तार से बातचीत की गई है। किताब को रोचक बनाने के लिए रोचक चित्रों का इस्तेमाल किया गया है। गतिविधियों के साथ-साथ योग को भी इस किताब में खास जगह दी गई है। किताब लिखने का उनका तरीका फ्री स्टाइल डायलॉग का है।

अपने बचपन से जुड़े किस्से भी किए हैं साझा
इस किताब में प्रधानमंत्री ने अपने बचपन से जुड़े किस्से भी छात्रों के साथ साझा किए हैं। इस किताब में छात्रों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को किस तरह अनुस्पर्धा में बदला जाए इस पर भी बात की गई है। अनुस्पर्धा का मतलब है अपने पिछले रिकॉर्ड से ही स्पर्धा करना। अपने 'मन की बात' में भी उन्होंने इसका जिक्र करते हुए भारत रत्न क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि जिस तरह से अपने पूरे करियर में वे अपने ही पिछले रिकॉड्र्स को तोड़ते रहे, इससे छात्रों को सीखना चाहिए।

इससे पहले भी लिख चुके हैं पुस्तक
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री रहते हुए पुस्तक लिखने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। हालांकि इससे पहले भी वे 'ज्योति-पुंज', 'सोशल हार्मनी' और 'इंडियाज सिंगापुर स्टोरी' जैसी किताबें लिख चुके हैं।


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