PM मोदी आज करेंगे 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान' की शुरुआत, CM योगी भी रहेंगे मौजूद

  • 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान ( Atma Nirbhar Uttar Pradesh Rojgar Abhiyan ) का आज शुभारंभ
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) करेंगे इस अभियान की शुरुआत
  • छह जिलों के ग्रामीणों के साथ PM Modi करेंगे संवाद

नई दिल्ली। एक तरफ पूरा देश कोरोना वायरस ( coronavirus in India ) से जूझ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) आज 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान' ( Atma Nirbhar Uttar Pradesh Rojgar Abhiyan ) की शुरुआत करेंगे। यूपी सीएम ( UP CM ) योगी आदित्यनाथ ( yogi Adityanath ) की मौजूदगी में सुबह 11 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ( Video Conferencing ) के जरिए इस अभियान की शुरुआत होगी। इस दौरान यूपी सरकार के संबंधित विभागों के मंत्री भी मौजूद रहेंगे।

छह जिलों के ग्रामीणों के साथ PM करेंगे संवाद

जानकारी के मुताबिक, इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) राज्य के छह जिलों के ग्रामीणों से संवाद भी करेंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि संवाद के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) का पूरा ख्याल रखा जाएगा। सभी ग्रामीण कृषि विज्ञान केन्द्र ( krishi Vigyan Kendra ) और कॉमन सर्विस सेंटरों (common service centre) में आकर इस संवाद से जुड़ेंगे। यहां आपको बता दें कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन ( India Lockdown ) के कारण उत्तर प्रदेश में तकरीबन 30 प्रवासी मजदूर लौट हैं। वहीं, राज्य के 31 जिलों में 25 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक लौटे हैं। केन्द्र सरकार की योजना की तर्ज पर यूपी सरकार ने 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान' की पहल की है। बताया जा रहा है कि इस अभियान में उद्योग जगत और कुछ अन्य संस्थाओं की भी भागीदारी होगी।

प्रवासियों को रोजगार देने का लक्ष्य

इस अभियान के तहत सरकार की कोशिश है कि लोगों तक रोजगार ( Employment ) पहुंचाया जा सके। साथ ही स्थानीय स्तर पर उद्योग को बढ़ावा मिल सके। लिहाजा, यूपी सरकार (UP Government ) ने ये पहल की है। गौरतलब है कि विगत 20 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के खगड़िया जिले के तेलिहार गांव से 'गरीब कल्याण रोजगार अभियान' (Garib Kalyan Rojgar Abhiyaan) नाम से रोजगार के एक प्रोग्राम का शुभारंभ किया था। लॉकडाउन में श्रमिकों ( Migrants ) की वापसी को देखते हुए सरकार ने स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने की योजना बनाई है। यह योजना 125 दिनों तक चलेगी और छह राज्यों में 116 जिलों को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना पर कुल पचास हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यहां आपको बता दें कि कोरोना महामारी को रोकने के लिए 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लागू है। इस दौरान काफी संख्या में प्रवासी मजदूर एक जगह से दूसरी जगह पलयान किए हैं।

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