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विजय माल्या को बड़ा झटका, कोर्ट ने बैंकों को संपत्ति बेचने की दी अनुमति

पीएमएलए अदालत ने बैंकों को 5,600 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया ऋण राशि की वसूली के लिए कुछ अचल संपत्तियों और प्रतिभूतियों को बेचने की अनुमति दी है जो कि बदनाम टाइकून विजय माल्या से संबंधित हैं।

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Jun 05, 2021
PMLACourt allows banks to sell fugitive business tycoon Vijay Mallya's properties

नई दिल्ली। भगाड़े कारोबारी विजय माल्या को एक बड़ा झटका लगा है। अब बैंक विजय माल्या की चल और अचल संपत्ति को बेच सकेंगे। दरअसल, धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने बैंकों को अपने कर्ज की वसूली के लिए भगोड़े व्यवसायी विजय माल्या के कुछ अचल संपत्ति और प्रतिभूतियों को बेचने की अनुमति दी है।

पीएमएलए अदालत ने बैंकों को 5,600 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया ऋण राशि की वसूली के लिए कुछ अचल संपत्तियों और प्रतिभूतियों को बेचने की अनुमति दी है जो कि बदनाम टाइकून विजय माल्या से संबंधित हैं।

पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक मल्लिकार्जुन राव ने कहा कि यह पहले प्रवर्तन निदेशालय के अधीन था। उन्होंने कहा, "अब लीड बैंक उन संपत्तियों को बेचेंगी। हालांकि, किंगफिशर में पीएनबी का ज्यादा कर्ज नहीं है, लेकिन एक बार जब प्रमुख बैंक अपने कर्ज की वसूली के लिए संपत्ति बेंचेगी उसके बाद हमें हमारा कर्ज मिल जाएगा।"

एसबीआई के एक अधिकारी ने बताया, आदेश में उल्लेखित संपत्तियों का प्रतीकात्मक कब्जा उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद ऋणदाताओं द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंकों में रिकवरी प्रक्रिया वित्तीय परिसंपत्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण एवं सुरक्षा ब्याज (SARFAESI) अधिनियम 2002 द्वारा निर्देशित होती है।, अधिकारी ने कहा कि उन संपत्तियों की नीलामी या बिक्री समय पर दिशानिर्देशों के अनुसार की जाएगी।

9,000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का है मामला

जानकारी के मुताबि, विजय माल्या की एयरलाइंस कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस बंद हो चुकी है और इसपर 6,900 करोड़ रुपये का मूल ऋण है। इसमें से एसबीआई का सबसे अधिक 1,600 करोड़ रुपये का निवेश है।

अन्य बैंक जिनका एयरलाइन में एक्सपोजर है, उनमें पंजाब नेशनल बैंक (800 करोड़ रुपये) और आईडीबीआई बैंक (800 करोड़ रुपये), बैंक ऑफ इंडिया (650 करोड़ रुपये), बैंक ऑफ बड़ौदा (550 करोड़ रुपये), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (410 करोड़ रुपये) शामिल हैं।

माल्या पर कथित तौर पर लगभग 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है, जिसमें उसकी बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस शामिल थी। माल्या को जनवरी 2019 में मुंबई की एक विशेष अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था।

पिछले साल, ब्रिटेन की एक अदालत के फैसले से कुछ दिन पहले उन्हें भारत में प्रत्यर्पित नहीं करने की उनकी याचिका पर माल्या ने विभिन्न भारतीय बैंकों को "सार्वजनिक धन" का 100 प्रतिशत वापस भुगतान करने की पेशकश की और सरकार से उनके प्रस्ताव को स्वीकार करने का आग्रह किया। बता दें कि किंगफिशर एयरलाइंस के 65 वर्षीय पूर्व बॉस विजय माल्या अप्रैल 2019 से गिरफ्तारी के बाद से प्रत्यर्पण वारंट पर यूके में जमानत पर हैं।

Updated on:
05 Jun 2021 04:08 pm
Published on:
05 Jun 2021 03:26 pm
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