18 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

PNB घोटाला: छापेमारी के बाद नीरव मोदी ने लिखा खत, बोले- 6 महीने में लौटा दूंगा पैसा

PNB में अधिकारियों की मिलीभगत से 11 हजार करोड़ के घोटाला हुआ है। घोटाले के आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी के बैंक अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है।
2 min read
Google source verification
pnb

नई दिल्ली। नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक में 11 हजार करोड़ का धोखाधड़ी करने वाले हीरा कारोबारी नीरव मोदी पर अब शिकंजा कसना शुरु हो चुका है। ईडी ने नीरव मोदी से जुड़े 9 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की है। इसस में मुंबई के चार, सूरत के दो और दिल्ली के दो ठिकाने शामिल हैं। इसके अलावा ईडी ने नीरव मोदी के घर और शोरूम पर भी छापेमारी की है। नीरव के खिलाफ 31 जनवरी को ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है।

6 महीने में दूंगा पैसा
छापेमारी के बाद नीरव मोदी ने पीएनबी को एक खत लिखकर पैसे लौटाने की बात कही है। नीरव में खत में लिखा है कि मैं पैसे लौटाने को तैयार हूं लेकिन मुझे 6 महीने का वक्त चाहिए। नीरव ने कहा है कि वे 6400 करोड़ रुपए कीमत के फायर स्टार डायमंड्स के जरिए बैंक को पैसा लौटा देंगे।

खाते हुए फ्रीज

इससे पहले बैंक ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल के बैंक अकाउंट को फ्रॉड घोषित कर दिया है। रिश्ते में यह दोनों मामा-भांजे हैं। पीएनबी ने इनेक खिलाफ सीबीआई से शिकायत कर जांच की भी मांग की है।

PNB ने 10 अधिकारियों को निलंबित किया
पीएनबी का आरोप है कि अरबपति नीरव मोदी ने मुंबई स्थित बैंक की शाखा से फर्जी तरीके से शपथ पत्र हासिल किए और विदेशों में दूसरे भारतीय बैंके से क्रेडिट हासिल कर लिया। देश के इस सबसे बड़े बैंक घोटाले में पीएनबी ने करीब 10 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

नीरव मोदी और परिवार पर मामला दर्ज
केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने पांच फरवरी को हीरा कारोबार में सेवा प्रदान करने वाले अरबपति नीरव मोदी और उनके भाई, पत्नी और एक साथ कारोबारी के खिलाफ पिछले साल 280.70 करोड़ रुपये की पीएनबी की कथित धोखाधड़ी में मामला दर्ज किया। सीबीआई ने इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी करने और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया है।

बैंक के शुद्ध लाभ से आठ गुना ज्यादा का घोटाला
धोखाधड़ी की यह रकम बैंक के शुद्ध लाभ करीब 1,320 करोड़ रुपये का आठ गुना है। घोटाले की खबर आने के बाद पीएनबी के शेयर में जबरदस्त गिरावट देखने को मिला। बैंक के शेयर में करीब 10 फीसदी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के 4000 करोड़ रुपए डूब गए।

कैसे हुआ घोटाले का खुलासा
धोखाधड़ी का यह मामला तब उजागर हुआ है जब भारतीय बैंकिंग प्रणाली गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां यानी डूबे हुए कर्ज की समस्या से जूझ रही है। बैंक की ओर से कहा गया कि लेन-देन की जानकारी के मुताबिक, यह रकम बैंक के विदेश स्थित ग्राहकों को अग्रिम तौर पर मुहैया करवाई गई है। बैंक में इन लेन-देन का स्वरूप आकस्मिक है और अंतरण के लिए निर्धारित कानून व उसकी असलियत के आधार पर इनका दायित्व बैंक पर निर्धारित होगा।