उत्तर प्रदेश सरकार ने आदेश दिया है कि राज्य की सीमाओं पर सभी किसान विरोध स्थल खाली करवाएं गणतंत्र दिवस के अवसर पर 'किसान गणतंत्र परेड' के दौरान भड़की हिंसा के बाद ये आदेश आए हैं
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ( Uttar Pradesh government ) ने जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि दिल्ली के साथ लगती राज्य की सीमाओं पर सभी किसान विरोध स्थल ( farmers' agitations ) खाली करवाए जाएं। राष्ट्रीय राजधानी के कई स्थानों पर गणतंत्र दिवस ( The Republic Day ) के अवसर पर 'किसान गणतंत्र परेड' के दौरान भड़की हिंसा के दो दिन बाद ये आदेश आए हैं। जिसके बाद जिला प्रशासन पुलिस बल के साथ गाजीपुर बॉर्डर को खाली कराने पहुंचा। गाजीपुर बॉर्डर ( Ghazipur border ) पर प्रशासन ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत ( Bharatiya Kisan Union spokesperson Rakesh Tikait ) से बातचीत की। इस दौरान राकेश टिकैत ने प्रशासन को आत्महत्या की धमकी दी। किसान नेता ने रोते हुए कहा कि अगर सरकार ने कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया तो वह आत्महत्या कर लेंगे।
'केंद्र सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली है'
राकेश टिकैत ने कहा कि अगर मुझे कुछ भी हुआ तो इसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली है, लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर किसानों के खिलाफ साजिश रचने का भी आरोप लगाया। आपको बता दें कि प्रीत विहार के एसीपी वीरेंद्र पुंज ने किसानों से गाजीपुर बॉर्डर को खाली करने की अपील की है। दरअसल, इस समय गाजीपुर बॉर्डर पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। दिल्ली-उत्तर प्रदेश गाजीपुर सीमा पर किसान पिछले साल 26 नवंबर से तीन कृषि कानूनों के विरोध में बैठे थे। किसानों की प्रमुख मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए और उनकी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित जाए।
पुलिस ने लोगों को गाजीपुर की तरफ न जाने की सलाह दी
फिलहाल पुलिस प्रशासन ने गाजीपुर बॉर्डर को दोनों ओर से सील कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को गाजीपुर की तरफ न जाने की सलाह दी है। यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। जिसके चलते भाकियू नेता राकेश टिकैत अनशन पर बैठ गए हैं। राकेश टिकैत ने कहा है कि जब तक गांव के लोगों खुद आकर उनको पानी नहीं पिलाएंगे तब वह अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे।