हैदराबाद। पांच साल बाद एक बार फिर पोलियो वायरस ने दस्तक दी है। वायरस के मिलने के बाद तेलंगाना सरकार इसके खिलाफ एक खास अभियान शुरू करने जा रही है। इस वायरस का पता सीवेज वाटर के लैब टेस्ट के दौरान लगा था। देश में 2010 के बाद पोलियो का कोई वायरस नहीं पाया गया था। लेकिन अब टेस्ट में इस वायरस का पता लगने के बाद राज्य सरकार काफी सतर्क हो गई है।
वायरस का नाम वीडीपीवी टाइप-2
इस वायरस का नाम वैक्सीन डेराइव्ड पोलियो वायरस (वीडीपीवी टाइप-2) है। सरकार हैदराबाद और रंगा रेड्डी जिलों में 20 से 26 जून के बीच स्पेशल कैंपेन चलाने जा रही हैं। इस दौरान छह हफ्ते से तीन साल की उम्र तक के बच्चों की जांच की जाएगी।
2013 में भारत हुआ था पोलियो मुक्त
2010 के बाद भारत में पोलियो के वायरस आम जगहों पर नहीं पाए गए थे। 2013 में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने (डब्ल्यूएचओ) ने भारत को पूरी तरह से पोलियो मुक्त घोषित कर दिया था।
छोटे बच्चों में पोलियो का खतरा ज्यादा
पोलियो संक्रामक बीमारी है, जो आमतौर पर छोटे बच्चों में ही होती है। चूंकि बच्चों में इस वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली उतनी मजबूत नहीं रहती, इसलिए उनमें इससे लकवा होने का खतरा रहता है। पोलियो से बचाव के लिए बच्चों को ओरल वैक्सीन दी जाती है।