
Jairam Thakur
नई दिल्ली। पूरी दुनिया में महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने अपना आतंक मचा रखा है। रोजाना कोरोना के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं कोरोना से मरने वाले का आंकड़ा बढ़ रहा है। बेकाबू महामारी पर लगाम लगाने के लिए सभी राज्य अपने स्तर पर हर संभव कोशिश कर रहे है। कई राज्यों में कोरोना मरीजों के लिए अस्पताल में बेड और ऑक्सीजन भी नहीं मिल पा रही है। हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढते मामलों के बीच सख्त कदम उठाने को लेकर सर्वदलीय बैठक के बाद कैबिनेट बैठक हो रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश में लॉकडाउन लगाए जाने पर विचार किया जा रहा है।
विपक्ष कर रहा है लॉकडाउन की सिफारिश
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस की वरिष्ठ विधायक आशा कुमारी, माकपा विधायक राकेश सिंघा, कांग्रेस के विधायक धनीराम शांडिल, संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज शामिल रहे। विपक्ष पिछले कुछ दिनों से लगातार लॉकडाउन लगाने की सिफारिश कर रहा है। हिमाचल सरकार मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तर भारत के राज्यों की तर्ज पर लॉकडाउन लगाने का निर्णय ले सकती है। कोरोना से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश को करीब 75 लाख वैक्सीन की डोज और कुल 220 करोड़ रुपए की जरूरत है। इस समय सरकार के पास सिर्फ एक लाख वैक्सीन मौजूद हैं। आपको बता दें कि प्रदेश में अभी तक कुल 18 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
ऑक्सीजन और आईसीयू बेड को लेकर सरकार चिंतित
हिमाचल में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार तेजी आ रही है। बढ़ते मरीजों को देखते हुए सरकार काेविड-19 की समीक्षा कर रही है। इस संबंध में राज्य की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अधिक संक्रमित जिलों के लिए सख्त कदम उठा सकती है। पिछले दिनों अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण बिस्तरों की मांग बढ़ने लगी है। बेड के साथ- साथ ऑक्सीजन का उत्पादन और आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है। मौजूदा माहौल को देखते हुए माना जा रहा है कि सरकार 10 से 15 दिनों का लॉकडाउन लगा सकती है। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाना ही पड़ेगा।
Updated on:
05 May 2021 03:40 pm
Published on:
05 May 2021 03:40 pm
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