
त्रिवेंद्रम. महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मां अमृतानंदमयी मठ के एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। राष्ट्रपति को सम्मान में सेना के जवानों ने सलामी दी। इसी दौरान तेज बारिश भी शुरू हो गई। राष्ट्रगान की धुन शुरू हो चुकी थी। राष्ट्रपति ने तुरंत सलामी ली और राष्ट्रगान के सम्मान में तेज बारिश में ही खड़े हो गए। इस दौरान एक सैन्य अफसर ने उन्हें छाते की पेशकश की, लेकिन राष्ट्रपति कोविंद ने उस आग्रह को ठुकराकर भरी बारिश में न सिर्फ राष्ट्रगान का सम्मान लिया बल्कि बारिश में ही सेना के जवानों की सलामी भी ली। इस दौरान उन्होंने परेड का निरीक्षण भी किया।
पहली बार केरल पहुंचे कोविंद
राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद रामनाथ कोविंद पहली बार केरल पहुंच थे। कोविंद ने वल्लीक्कावू स्थित मां अमृतानंदमयी मठ मुख्यालय में मठ की 100 करोड़ लागत की योजना का श्रीगणेश किया। मां अमृतानंदमयी मठ की तरफ से इस योजना के तहत 5000 गांवों को पीने का पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद केरल दौरे पर हैं और रविवार को उनका केरल दौरे का पहला दिन था। कोविंद दो देशों- जिबूती और इथियोपिया की यात्रा के बाद शुक्रवार को स्वदेश लौटे हैं। राष्ट्रपति के रूप में यह उनकी पहली विदेश यात्रा थी। राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा था कि एपीजे अब्दुल कलाम जी और प्रणब मुखर्जी ने जिस परंपरा को आगे बढ़ाया है, उस पद पर मेरा चयन मेरी जिम्मेदारी और बढ़ा रहा है। कोविंद ने कहा था कि इस पद पर चुना जाना न कभी मैंने सोचा था और न कभी मेरा लक्ष्य था लेकिन देश के लिए अथक सेवा भाव मुझे यहां तक ले आया है। इस पद पर रहते हुए संविधान की रक्षा करना और उसकी मर्यादा बनाए रखना मेरा कर्तव्य है। राष्ट्रपति पद पर मेरा चयन भारतीय लोकतंत्र की महानता का प्रतीक है।
Updated on:
09 Oct 2017 01:19 pm
Published on:
09 Oct 2017 01:18 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
