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पं. झाबरमल्ल शर्मा स्मृति व्याख्यान आज, IIM इन्दौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय होंगे मुख्य वक्ता

HIGHLIGHTS 21 में कैसे हों '21', प्रबंधन का रास्ता दिखाएंगे राय पत्रिका समूह के सृजनात्मक साहित्य पुरस्कार विजेता होंगे सम्मानित

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Pt. Jhabarmall Sharma Memorial Lecture, Director Himanshu Roy of IIM Indore will be the keynote speake

जयपुर।

पत्रिका समूह की ओर से आयोजित पं. झाबरमल्ल शर्मा स्मृति व्याख्यानमाला की तीसवीं कड़ी में प्रबंधन गुरु व भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) इन्दौर‌ के निदेशक प्रो. हिमांशु राय मुख्य वक्ता होंगे। इस अवसर पर वे पत्रिका समूह केे सृजनात्मक साहित्य पुरस्कारों के विजेताओं को भी सम्मानित करेंगे। कोरोना काल की चुनौतियों के बीच हो रही व्याख्यानमाला व सृजनात्मक साहित्य पुरस्कार वितरण का वर्चुअल समारोह, सोमवार, 11 जनवरी को अपरान्ह तीन बजे से होगा, जिसका विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म व पत्रिका टीवी पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।

संबोधन में प्रो. राय कोरोना काल में पटरी से उतरी आर्थिक गतिविधियों को 2021 में '21' बनाने के लिए प्रबंधन और जनसामान्य के जीवन ऊंचाइयों पर ले जाने के गुर सिखाएंगे। इस दौरान वे चुनिंदा सवालों के जवाब भी देंगे।

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मूर्धन्य साहित्यकार व पत्रकार पं. झाबरमल्ल शर्मा की स्मृति में पत्रिका समूह वर्ष 1992 से हर साल इस व्याख्यानमाला का आयोजन कर रहा है। इस कार्यक्रम की पहली कड़ी में मुख्य वक्ता तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा थे, जो बाद में राष्ट्रपति भी रहे। इस व्याख्यानमाला में विभिन्न क्षेत्रों में दखल रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार, न्यायाधीश, चिंतक और प्रबुद्धजन सम्बोधित करते रहे हैं। इस मौके पर पत्रिका समूह अपने परिशिष्टों में प्रकाशित कहानियों व कविताओं में से श्रेष्ठ को प्रति वर्ष पुरस्कृत भी प्रदान करता है। कहानी व कविता वर्ग में प्रथम रहने पर इक्कीस हजार रुपए और प्रशस्ति पत्र तथा द्वितीय पुरस्कार के रूप में ग्यारह हजार रुपए दिए जाते हैं।

कहानी में सीकर के संदीप मील को मिला पहला पुरस्कार

सृजनात्मक साहित्य पुरस्कारों के तहत कहानी में पहला पुरस्कार सीकर के संदीप मील की कहानी ‘जानना अभी बाकी है’ और कविता में पहला पुरस्कार कोटा के रामनारायण मीणा ‘हलधर’ की कविता ‘स्त्रियां और रंग’ को दिया जाएगा। कहानी में दूसरा पुरस्कार जयपुर की पुष्पा गोस्वामी को उनकी कहानी ‘अतीतजीवी’ और कविता में दूसरा पुरस्कार दिल्ली के मैगसेसे अवार्ड विजेता अंशु गुप्ता को उनकी कविता ‘एक बार रोका तो होता’ के लिए दिया जाएगा। ये कहानी व कविताएं पत्रिका समूह के परिशिष्टों में वर्ष 2020 के दौरान प्रकाशित हुई थीं।

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इस साल कहानी और कविता के निर्णायक मंडल में दिल्ली के युवा कहानीकार अभिषेक कश्यप, भिलाई, छत्तीगढ़ के डॉ. परदेशी राम वर्मा, जयपुर के कथाकार प्रबोध कुमार गोविल और कविता में इंदौर के साहित्यकार हरेराम वाजपेयी, कोटा के अंबिका प्रसाद और जयपुर के हरिराम मीणा शामिल थे।

समारोह को पत्रिका समूह के सभी फेसबुक पेज, यूट्यूब चैनल और पत्रिका टीवी पर भी लाइव देखा जा सकेगा। आप ये लिंक क्लिक कर सीधे जुड़ सकते हैं।

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