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पुलवामा की बरसी: शहीद होने वालों की याद में बने स्मारक का उद्घाटन आज

CRPF कैंपस के अंदर बनाया गया है स्मारक पुलवामा हमले में 40 जवान हुए थे शहीद जवानों को लेजाने में अतिरिक्त सतर्कता
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Navyavesh Navrahi

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Feb 14, 2020

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पुलवामा में पिछले साल फरवरी में हुए आतंकी हमले में शहीद 40 सीआरपीएफ कर्मियों की याद में बनाए गए स्मारक का लेथपुरा कैंप में शुक्रवार को उद्घाटन किया जाएगा। सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने गुरुवार को स्मारक स्थल का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि- "यह उन बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने का तरीका है जिन्होंने हमले में अपनी जान की आहुति दी।"

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CRPF कैंप के अंदर बनाया गया स्मारक

बता दें, इस स्मारक में उन शहीद जवानों के नामों के साथ ही उनकी तस्वीरें भी लगाई जाएंगी। साथ ही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का ध्येय वाक्य "सेवा और निष्ठा" उकेरा जाएगा। स्मारक उस स्थान के पास सीआरपीएफ कैंप के अंदर बनाया गया है जहां जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी अदील अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी कार सुरक्षा बलों के काफिले से टकरा दी थी।

दुश्मनों को खत्म करने का संकल्प मजबूत

हसन ने कहा कि- "निश्चित रूप से यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और हमने इससे सीख ली है। हम अपनी आवाजाही के दौरान हमेशा सतर्क रहते थे, लेकिन अब सतर्कता और बढ़ा दी गई है।" उन्होंने कहा कि 40 जवानों के सर्वोच्च बलिदान ने देश के दुश्मनों को खत्म करने का हमारा संकल्प मजबूत बनाया है।

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जैश के कमांडरों का खात्मा

हसन ने कहा कि- ‘‘हम आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान अतिरिक्त जोश से लड़ते हैं। यही कारण है कि जवानों पर हमले के तुरंत बाद हम जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों को खत्म करने में सफल रहे।’

सुरक्षा बलों और सेना में समन्वय

उन्होंने 14 फरवरी के बाद जवानों के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में खुलासा तो नहीं किया, लेकिन इतना जरूर कहा कि अब जवानों की आवाजाही अब अन्य सुरक्षा बलों और सेना के साथ समन्वय में होती है।

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जवानों को वायु मार्ग से लेजाने की अनुमति

गौर हो, गृह मंत्रालय की ओर से सीआरपीएफ को इस तरह के किसी भी हमले की आशंका से बचने के लिए जवानों को वायु मार्ग से ले जाने की अनुमति दी थी। जम्मू कश्मीर सरकार ने जवानों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए सप्ताह में दो दिन निजी वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगाया था। लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद बाद में आदेश को रद्द कर दिया गया।

बुलेट प्रूफ वाहन

इसके साथ ही जवानों को ले जाने वाले वाहनों को बुलेट-प्रूफ बनाने की प्रक्रिया को तेज किया गया है। सड़कों पर बंकर जैसे वाहन देखे जाने लगे।