
आंध्र प्रदेश सरकार ने शनिवार रात पुलिस महानिदेशक रैंक के आईपीएस अधिकारी एबी वेंकटेश्वर राव को कथित तौर पर ‘देशद्रोह के कृत्यों के जरिए’ राष्ट्रीय सुरक्षा को ‘खतरे में डालने’ के आरोपों के तहत निलंबित कर दिया। यह आरोप उन पर तब लगे थे, जब वे राज्य खुफिया सेवा के प्रमुख थे। यह आदेश मुख्य सचिव नीलम साहनी ने पुलिस महानिदेशक गौतम स्वांग की रिपोर्ट के आधार पर जारी किया है। रिपोर्ट में राव पर सुरक्षा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में ‘गंभीर भ्रष्टाचार’ के आरोप लगाए गए हैं।
विदेशी डिफेंस फर्म को जानकारी देने का आरोप
बता दें, 1989 बैच के IPS राव को वाईएस जगनमोहन रेड्डी सरकार की ओर से पिछले साल इंटेलिजेंस प्रमुख पद से हटाया गया था। तब से उन्हें पोस्टिंग नहीं दी गई। राव पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के करीबी माने जाते हैं। एक गोपनीय रिपोर्ट में राव को लेकर कहा गया है कि- 'राव ने एक विदेशी डिफेंस फर्म को खुफिया प्रोटोकॉल और पुलिस की प्रक्रियाओं की जानकारी दी। यह राष्ट्रीय स्तर की स्थिति के लिए सीधा खतरा है। खुफिया प्रोटोकॉल पूरे भारतीय पुलिस बल में मानक हैं।'
गोपनीय रिपोर्ट में लगाए गंभीर आरोप
गोपनीय रिपोर्ट में यहां तक कहा गया है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर, प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर सबूत पाए गए हैं, जो कि आरोपी अधिकारी की ओर से जानबूझकर किए गए थे। रिपोर्ट में यह आरोप भी लगाया गया है कि राव ने अकसम एडवांस्ड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ रहे चेतन साई कृष्णा को महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी और निगरानी अनुबंध देने के लिए इजरायली रक्षा उपकरण निर्माता आरटी इन्फ्लैटेबल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलीभगत की। बता दें, कृष्णा, राव के बेटे हैं।
Updated on:
09 Feb 2020 05:28 pm
Published on:
09 Feb 2020 11:02 am
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