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नई दिल्ली। जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में एक आत्मघाती हमलवार ने सीआरपीएफ जवानों को निशाना बनाया। गुरुवार को हुए इस आत्मघाती हमले में भारत के 44 जवान शहीद हो गए। पुलवामा हमले को लेकर मोदी सरकार की ओर से बुलाई सीसीएस की बैठक खत्म हो गई है। बैठक में हिस्सा लेने स्वीडन गईं केंद्रीय रक्षा मंत्री सीतारमण स्वीडन से लौटी। वहीं, रक्षा मंत्री के साथ गृह मंत्री राजनाथ सिंह व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शामिल रहे। इसके अलावा देश की तीनों सेनाओं के अध्यक्ष भी बैठक में मौजूद रहे। सीआरपीएफ के डीजी भी सुरक्षा समिति की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। पीएम मोदी की अध्यक्षता एक घंटे से अधिक चली बैठक में पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े घटना पर विचार किया गया। सूत्रों के अनुसार हमले में पाकिस्तान का हाथ होने का भारत सरकार सबूत देगी। पाकिस्तान के खिलाफ डोजियर में ये सबूत होंगे।
बैठक में बड़ा फैसला ले सकती है मोदी सरकार
आपको बता दें कि फिदायिन ने पुलवामा जिले में श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर अपनी विस्फोटकों से लोड एसयूवी सीआरपीएफ की बस से टकरा दी, जिसने विस्फोट कर दिया। घटना के तुरंत बाद ही गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उच्च अधिकारियों की बैठक बुलाकर हुई हमले की जानकारी ली। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शामिल हुए।
हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी
केंद्र सरकार ने पुलवामा हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी है। एनआईए की 12 सदस्यीय टीम हमले की जांच करने आज जम्मू और कश्मीर जाकर घटना स्थल का मुआयना करेगी। सूत्रों के अनुसार यह विशेष टीम फॉरेंसिक उपकरणों के साथ शुक्रवार सुबह ही कश्मीर के लिए रवाना हो जाएगी। इस दौरान टीम राज्य पुलिस से भी मदद लेगी। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही गृह सचिव राजीव गौबा भूटान के थिम्पू से दिल्ली वापस आ रहे हैं। हमले के बाद सरकार ने एहतियात बरतते हुए कश्मीर में इंटरनेट की स्पीड धीमी कर दी है।
Updated on:
15 Feb 2019 10:58 am
Published on:
15 Feb 2019 09:44 am
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