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लड़की ने वर्जिनिटी टेस्ट कराने से की इनकार तो लोगों ने समाज से किया बहिष्कार

पुणे के भटनागर इलाके में एक 23 वर्ष की लड़की को नवरात्रि में केवल इसलिए डांडिया खेलने से मना कर दिया क्योंकि उसने शादी से पहले वर्जिनिटी टेस्ट कराने से इनकार कर दिया था।

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लड़की ने वर्जिनिटी टेस्ट कराने से किया इनकार तो लोगों ने समाज से किया बहिष्कार

लड़की ने वर्जिनिटी टेस्ट कराने से किया इनकार तो लोगों ने समाज से किया बहिष्कार

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने एक बार फिर से समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस खबर ने सैंकड़ों सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक और सरकार 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के नारे के साथ बेटियों को आगे बढ़ाने और सशक्त बनाने में लगी है वहीं दूसरी और कुछ रुढीवादी मानसिकता के लोग बेटियों को रोकने के नए-नए तरीके निकाल रखे हैं। दरअसल पुणे के भटनागर इलाके में एक 23 वर्ष की लड़की को नवरात्रि में केवल इसलिए डांडिया खेलने से मना कर दिया क्योंकि उसने शादी से पहले वर्जिनिटी टेस्ट कराने से इनकार कर दिया था।

आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

आपको बता दें कि पुणे की रहने वाली लड़की ऐश्वर्या तमायचीकर कानून की पढ़ाई कर रही है। पीडिता कंजारभाट समाज से संबंध रखती है। शादी के समय वर्जिनिटी टेस्ट कराने के फैसले को पीड़िता ने विरोध किया तो उसके समाज ने उसका बहिष्कार कर दिया। पीड़िता ने पिंपरी-चिंचवाड थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने इस समाज के आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बता दें कि कंजारभाट समाज के शिक्षित लोगों ने शादी के समय वर्जिनिटी टेस्ट कराने के विरोध में अपनी लड़ाई शुरु कर दी है। पीड़िता ने बताया कि उनकी शादी 12मई 2018 को विवेक नाम के युवक से हुई थी। उस दौरान उनसे वर्जिनिटी टेस्ट कराने के लिए कहा गया जिसका उन्होंने कड़ा विरोध किया। यही कारण है कि विवेक के परिवार वाले उसे किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने नहीं देते हैं। उसे पूरी तरह से बहिष्कृत कर दिया गया है। मालूम हो कि #Mee Too कैंपेन के जरिए महिलाएं अपने उपर हुए यौन शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही हैं। इसी की तर्ज पर महाराष्ट्र में महिलाओं ने 'स्टॉप द वी रिचुअल' अभियान की शुरुआत की है। इस कैंपेन के जरिए लड़कियां वर्जिनिटी टेस्ट कराने का विरोध कर रही हैं।