
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आईपीएस अमिताभ गुप्ता को वापस ड्यूटी पर लाने और गृहविभाग में तैनाती देने के उद्धव सरकार के फैसले पर सख्त ऐतराज जताया है। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान वधावन बंधु को महाबालेश्वर भेजने के मामले की सीबीआई जांच की मांग फिर से की है। उनके इस रुख से महाराष्ट्र के गृहसचिव अमिताभ गुप्ता को क्लीन चिट देने और दोबारा ताजपोशी को लेकर प्रदेश में राजनीति गरम हो गया है।
फडणवीस ने गृहसचिव अमिताभ गुप्ता के ड्यूटी ज्वाइन करने पर महाराष्ट्र सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि सरकार में वधावन बंधुओं का कोई आका बैठा है। उसी के इशारे पर यह वीआईपी कांड हुआ। कुछ दिनों बाद वधावन बंधुओं के दबाव में आनन फानन में इस मामले की जांच कराकर आईपीएस अमिताभ गुप्ता को पहले क्लीन चिट दिलाई गई और अब गृहसचिव पद पर दोबारा ताजपोशी भी कर दी गई है।
बीजेपी नेता ने कहा है कि वधावन बंधुओं को पत्र लिखने वाले आईपीएस अधिकारी अमिताभ गुप्ता को क्लीन चिट देने एवं उन्हें पद पर बहाल करने से यह साफ हो गया है कि गुप्ता ने नहीं किसी और ने वधावन बंधुओं को महाबलेश्वर भेजा था।
बता दें कि उद्धव सरकार ने कपिल और धीरज वधावन को लॉकडाउन के दौरान पुणे के निकट खंडाला से सतारा जिले के महाबलेश्वर जाने की अनुमति देने के लिए पिछले महीने गृह विभाग के प्रधान सचिव (विशेष) गुप्ता को छुट्टी पर भेज दिया था। गुप्ता के खिलाफ जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी।
पिछले माह समिति ने रिपोर्ट दी थी जिसका खुलासा गृहमंत्री अनिल देशमुख ने किया था। रिपोर्ट के मुताबिक देशमुख ने कहा था कि वाधवान बंधुओं को पत्र अमिताभ गुप्ता ने ही लिखा था। उन पर किसी का दबाव नहीं था। देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि अमिताभ गुप्ता खुद वधावन बंधुओं को पिकनिक के लिए पत्र नहीं लिख सकते हैं। सीबीआई जांच से सच्चाई बाहर आ जाएगी।
Updated on:
19 May 2020 03:37 pm
Published on:
19 May 2020 03:30 pm
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