
रेल यात्रा के दौरान यात्रियों का होता है बीमा, ऐसे कर सकते हैं 10 लाख रुपए तक की राशि के लिए दावा
नई दिल्ली। रायरबेली में न्यू फरक्का एक्सप्रेस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर खड़ा हो गया है। आपको बता दें कि ऐसे ही हादसों के लिए रेलवे यात्रियों का बीमा करता है। हालांकि कुछ समय पहले तक ये बीमा मुफ्त किया जाता था, लेकिन हाल में रेलवे ने इसके लिए राशि वसूलना शुरू कर दिया है। टिकट खरीदते समय 68 पैसे के एवरज में रेलवे यात्रियों का बीमा करती है। इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) अपने यात्रियों को एक्सिडेंटल इंश्योरेंस (दुर्घटना संबंधी बीमा) देता है। लेकिन अधिकतर लोगों को इसके बारे में पता नहीं होता है। अगर लोग इसके बारे में जानते भी हैं तो उन्हें इस पैसे को क्लेम कराना नहीं आता। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि आईआरसीटी की सुविधा का कैसे लाभ लिया जा सकता है।
रायबरेली में रेल हादसे के बाद यात्रियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, सरकार का दावा हादसों में आई कमी
ऐसे में रेलवे ने अपने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीमे का दावा पेश करने के लिए कई प्रावधान निकाले थे, जिसमें से एक दुर्घटना संबंधी बीमा भी है। हालांकि ये बीमा उन्हीं लोगों को मिलता है, जिन्होंने ऑनलाइन टिकट बुक कराई होती है। भारतीय रेलवे ने बीते साल रेलवे में कनर्फम और रिजर्वेशन एगेंस्ट कैंसिलेशन (आरएसी) वाले यात्रियों के लिए एक वैकल्पिक यात्रा बीमा शुरू किया था। इस वैकल्पिक बीमा का लाभ लेने के लिए आपको आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर टिकट बुक करना होगा। यह बीमा 68 पैसे प्रति यात्री के हिसाब से कराया जाता है।
लाभ लेने के लिए भरना होगा हां
योजना में किसी दुर्घटना से आरक्षित यात्री के रूप में यात्रा करते समय मौत या चोट के मामले में पीड़िता या कानूनी उत्तराधिकारी को कुल आश्वासित राशि का भुगतान किया जाएगा। जिन यात्रियों को यात्री बीमा का लाभ लेना होगा। उन्हें रिजर्वेशन फार्म में यात्रा बीमा के सामने दिए गए विकल्प में हां पर टिक लगाना होगा। उसके बाद ही वे बीमा का लाभ ले सकेंगे।
मौसम का हालः देश में दो तूफानों का अलर्ट, इन राज्यों और इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी
10 लाख रुपये तक है बीमा कवर राशि
बीमे की रकम चोट पर निर्भर करती है। मौत के मामले में रेलवे दुर्घटना के शिकार हुए यात्री को 10 लाख रुपए की रकम देती है। अगर कोई यात्री हादसे में स्थाई तौर पर दिव्यांग हो जाता है तो उसे भी 10 लाख रुपए की राशि दी जाती है। रेल हादसे से स्थाई आंशिक दिव्यांगता से पीड़ित यात्री 7.5 लाख रुपए तक का दावा कर सकते हैं। चोट के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती के लिए, बीमे से कवर होने वाली रकम दो लाख रुपए है। इसके अलावा लोगों के बचे हुए अवशेषों को लाने-ले जाने के लिए आने वाले खर्च के लिए 10 हजार रुपए तक की रकम क्लेम की जा सकती है।
बीमा के ये हैं नियम
पांच साल या इससे अधिक के सभी यात्री इस बीमा का लाभ ले सकते हैं। बुङ्क्षकग के दौरान लिया गया प्रीमियम टिकट रद करने के दौरान वापस नहीं किया जाएगा।
रेल दावा अधिकरण में करें संपर्क
रेल प्रशासन को सौंपे गए समान के खो जाने,क्षय हो जाने या सुपुर्दगी न होने तथा यात्रियों के हताहत होने की दशा मे या फिर यात्री को रेल दुर्घटना मे हुई हानि की दशा मे रेल प्रशासन की जवाबदेही रेल अधिनियम-1989 में इंगित है। रेल दुर्घटना के विक्टिम या रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को हुई हानि की स्थिति मे रेल उपयोगकर्ताओ को शीघ्र मुवावजा देने के लिए या किराया और माल भाडे की वापसी के मामलो के त्वरित निर्णय देने के लिए रेल दावा अधिकरण की स्थापना की गई थी। ऐसे में रेल बीमा राशि के दावे के लिए यहां संपर्क करना होगा। http://www.claims.indianrail.gov.in इस वेबसाइट पर जाकर भी आप अपनी राशि क्लेम कर सकते हैं।
इसलिए किया था फ्री
रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार नोटबंदी के बाद ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यात्रा बीमा फ्री कर दिया गया था। लेकिन सितंबर माह से रेलवे ने ये सुविधा बंद कर दी है।
Published on:
10 Oct 2018 11:29 am
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
