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बाघिन अवनि की मौत पर राहुल गांधी ने बापू को किया याद, कहा- देश की महानता की पहचान जानवरों के प्रति व्यवहार से होती है

आदमखोर बाघिन अवनि की मौत पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस , शिवसेना ने महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाए हैं।

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rahul gandhi

बाघिन अवनि की मौत पर राहुल गांधी ने बापू के संदेश को किया याद, देश की महानता की पहचान जानवरों के प्रति व्यवहार से होता

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में आदमखोर बाघिन अवनि की मौत पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बड़ा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि पशुओं से व्यवहार पर देश की महानता का फैसला किया जाता है। राहुल गांधी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के एक संदेश को ट्वीट करते हुए कहा कि “किसी देश की महानता की पहचान इस बात से की जा सकती है कि वहां जानवरों के प्रति कैसा व्यवहार किया जाता है। राहुल गांधी ने कहा कि अवनि हमें माफ करो।

मेनका गांधी ने भी उठाया सवाल

बता दें कि इससे पहले केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने भी आदमखोर बाघिन अवनि उर्फ T1 को मारे जाने को लेकर महाराष्ट्र सरकार की निंदा की है। मेनका गांधी ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुनगनटीवर पर हमला निशाना साधा। मेनका ने कहा, "यह कुछ नहीं बल्कि गंभीर अपराध का मामला है।" आगे उन्होंने कहा कि वह मामले को सख्ती से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष उठाएंगी। कई हितधारकों के आग्रह के बावजूद मुनगनटीवर बाघिन को मारने का आदेश दिया।

वहीं शिवसेना ने भी अवनि की मौत पर सवाल उठाया है। शिवसेना ने कहा कि अवनि की मौत से आहत और दुखी हूं। अवनि हमें माफ करना।

बाघिन की मौत के लिए 200 लोगों की टीम बनाई गई

गौरतलब है कि यवतमाल जिले के पांढरकवड़ा के वन क्षेत्र में आदमखोर बाघिन अवनि को शुक्रवार देर रात मार दिया गया। बाघिन ने 14 लोगों को अपना शिकार बनाया था। उसे खत्म करने के लिए 200 लोगों की टीम बनाई गई थी । बता दें कि बाघिन को बचाने के लिए जानवरों के हक की आवाज उठाने वाले लोगों ने अभियान भी चलाया था। सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत एक याचिका भी डाली गई थी। अवनि को गोली असगर अली ने मारी। असगर अली विवादित निशानेबाज शफात अली खान के बेटे हैं। उल्लेखनीय है कि आदमखोर बाघिन के आतंक से निजात दिलाने के लिए वन विभाग ने हैदराबाद से देश के सबसे बड़े शूटर्स में शामिल नबाव शफात अली खान को बुलाया था। अवनि के दो शवकों के बारे में अभी कोई सूचना नहीं है।

तीन महीनों तक चला आंख मिचौली का खेल

कहा जाता है कि 2012 में इस मादा टाइगर को पहली बार यवतमाल जिले के पंढारवाड़ा के जंगलों में देखा गया। तभी उसे इंसानी खून मुंह लगा। इसके बाद उसने लोगों को मारना शुरू किया। स्थानीय लोग खौफजदा रहने लगे। बाघिन के आतंक के बाद प्रशासन ने उसे मारने का फैसला किया। इसके बाद आदमखोर बाघिन करीब तीन महीने तक शिकारियों के साथ आंख मिचौली का खेल खेलती रही।