कैलाश मानसरोवर में दर्शन के बाद बोले राहुल गांधी- इस पवित्र स्थान पर किसी से नफरत नहीं

कैलाश मानसरोवर में दर्शन के बाद बोले राहुल गांधी- इस पवित्र स्थान पर किसी से नफरत नहीं

'मानसरोवर झील का पानी बहुत ही निर्मल, स्थिर और शांत है। वह सब कुछ देता है और कुछ भी नहीं लेता। कोई भी उसे पी सकता है। उसमें कोई नफरत नहीं होती। इसलिए हम भारत में इस पावन जल की पूजा करते हैं।'

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कैलाश मानसरोवर के दर्शन किए और कहा कि इस पवित्र स्थान पर किसी पर प्रकार की नफरत नहीं है। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए गांधी ने ट्वीट किया, 'मानसरोवर झील का पानी बहुत ही निर्मल, स्थिर और शांत है। वह सब कुछ देता है और कुछ भी नहीं लेता। कोई भी उसे पी सकता है। उसमें कोई नफरत नहीं होती। इसलिए हम भारत में इस पावन जल की पूजा करते हैं।'

'यह अवसर पाकर बहुत खुश हूं'

उन्होंने मानसरोवर झील और कैलाश पर्वत की तस्वीरें भी संलग्न की हैं। गांधी ने कहा, 'एक व्यक्ति कैलाश तब जाता है, जब उसे वहां से बुलावा आता है। यह अवसर पाकर मैं बहुत खुश हूं और इस सुंदर सफर में जो मैं देख पा रहा हूं, उसे आपके साथ साझा कर रहा हूं।' गांधी 31 अगस्त को इस तीर्थस्थल के लिए रवाना हुए थे।

नॉनवेज सेवन पर हुआ था विवाद

गौरतलब है कि धार्मिक यात्रा के दौरान कथित तौर पर नॉनवेज का सेवन करने के चलते राहुल काफी निशाने पर आए थे। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद अब वुटू रेस्टोरेंट (जहां राहुल ने खाना खाया था) ने इसका खंडन किया है और कहा है राहुल गांधी ने नॉनवेज का सेवन नहीं किया है। एक तरफ जहां बीजेपी ने राहुल गांधी पर मानसरोवर यात्रा का पाखंड करने का आरोप लगाया तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने कहा कि ये खबरें यात्रा में विघ्न डालने की कोशिश है।

यात्रा के साथ ही हुई विवाद की शुरुआत

यह विवाद यात्रा के पहले ही दिन शुरू हो गया था। भाजपा ने यह विवाद उठने पर कांग्रेस पर हमले तेज कर दिए थे। अब कांग्रेस ने विवाद को निराधार बताते हुए बीजेपी पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा है कि 'जब होटल प्रबंधन ने ही स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी ने शुद्ध शाकाहारी खाना खाया तो फिर बाकी का विवाद निरर्थक है।'

Ad Block is Banned