
नई दिल्ली : गणतंत्र दिवस के परेड के मौके पर राहुल गांधी को पीछे की कतार में बैठने की जगह मिलने को लेकर विवाद गरमा गया है। मोदी सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को गणतंत्र दिवस परेड में आमंत्रित तो किया है। मगर कांग्रेस के मुताबिक उनको बैठने के लिए छठीं कतार में जगह दी गई है। कांग्रेस का कहना है कि 70 साल के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ है कि पार्टी के अध्यक्ष को इतने पीछे की सीट बैठने के लिए दी गई हो। पार्टी ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला किया है। वहीं राहुल गांधी ने कहा है कि अगर उनको 60वीं कतार में भी जगह मिलेगी, तब भी वे इस राष्ट्रीय पर्व में जाएंगे। उन्होंने कहा है कि उनके लिए गणतंत्र दिवस परेड महत्वपूर्ण है। जगह अहम नहीं है। वह मानते है कि भारतीय संविधान हर देशवासी का धर्म है और वह इसकी प्रतिबद्धता के पर्व को मनाने के कार्यक्रम में जरूर शामिल होंगे। मालूम हो कि यह खबर पूरे दिन से सुर्खियों में है।
कांग्रेस ने कहा, सत्ता के अहंकार में है मोदी सरकार
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने पत्रिका को कहा कि 70 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कांग्रेस अध्यक्ष को गणतंत्र दिवस परेड में छठीं कतार में बैठने की जगह दी गई है। यह सरकार की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सत्ता के अहंकार में मस्त है। इसलिए इस तरह की हरकतें कर रही है।
सोनिया को पहली कतार में मिलती थी सीट
कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला गणतंत्र दिवस परेड है, जब राहुल गांधी पार्टी के मुखिया के नाते इसमें शामिल होंगे। मोदी सरकार के शासनकाल में कांग्रेस अध्यक्ष के नाते सोनिया गांधी को हमेशा पहली पंक्ति में सीट दी गई है। इस बार सोनिया गांधी गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल नहीं होंगी।
Updated on:
25 Jan 2018, 10:22 PM IST
Published on:
25 Jan 2018, 10:12 PM IST
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