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रेल मंत्रालय का बड़ा फैसला, स्टॉफ से घरेलू काम कराना बंद करें अफसर

बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने दो टूक कह दिया कि कोई भी अधिकारी बुके या गिफ्ट नहीं लेगा।
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नई दिल्ली

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Mohit sharma

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Updated: 8 Oct 2017, 2:35 PM IST

Piyush Goyal

नई दिल्ली। हादसों और तमाम खामियों के लिए बदनाम रेलवे की छवि सुधारने के प्रयास में जुटे रेल मंत्रालय ने नया फरमान जारी किया है। मंत्रालय के इस फरमान ने विभाग की वीआईपी कल्चर पर बड़ी चोट करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को कार्य स्थल के साथ ही घर पर भी मेहनत की सलाह दी है। मंत्रालय की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि अब वे स्टाफ से घरेलू कामकाज कराना तुरंत बंद कर दें। मंत्रालय के इस प्रयास ने 36 साल पुराने उस प्रोटोकॉल को खत्म कर दिया है, जिसके तहत रेलवे बोर्ड चेयरमैन और बोर्ड मेंबर्स के जोनल विजिट के दौरान जनरल मैनेजर्स को उनके आगमन और विदाई पर प्रस्तुत होना पड़ता था।

कोई अधिकारी नहीं लेगा बुके और गिफ्ट

दरअसल, रेल मंत्रालय के फरमान के तहत रेलवे बोर्ड ने 1981 के उस सर्कुलर को खत्म करने का फैसला किया, जिसके तहत इस प्रकार के सभी प्रोटोकॉल शामिल किए गए थे। मंत्रालय की ओर से यह फैसला 28 सितंबर को आया, जिसमें कहा गया कि रेलवे बोर्ड चैयरमैन और दूसरे सदस्यों की विजिट के दौरान एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर प्रोटोकॉल को खत्म किया जाता है। यहां तक कि बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने दो टूक कह दिया कि कोई भी अधिकारी बुके या गिफ्ट नहीं लेगा। बता दें कि पिछले दिनों में केन्द्रीय मंत्रीमंडल में हुए बदलाव के बाद रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी पियुष गोयल को सौंपी गई है। नए मंत्रालय का कार्यभार ग्रहण के बाद से ही पियुष गोयल रेलवे की छवि सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। जिसके चलते विभाग में नई—नई योजनाएं लाई जा रही हैं। इसी के चलते विभागीय छवि सुधारने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके अफसरों की कार्यशैली से लेकर यात्रियों की सुख सुविधा पर भी विशेष ध्यान देने पर बल दिया गया है। मंत्रालय की ओर से जारी नया फरमान भी इसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।